तेल 40 डॉलर होने पर ही उपकर वापस

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बीएस संवाददाता
Last Updated- December 11, 2022 | 5:48 PM IST

राजस्व सचिव तरुण बजाज ने आज रॉयटर्स से कहा कि भारत पिछले सप्ताह तेल उत्पादकों व तेल शोधन संयंत्रों पर लगाए गए उपकर को तभी वापस लेगा, जब कच्चे तेल की वैश्विक कीमत मौजूदा स्तर से घटकर 40 डॉलर प्रति बैरल हो जाती हैं।
पेट्रोलियम के निर्यात से मोटा मुनाफा कमा रहीं फर्मों पर 1 जुलाई से कर लागू हो गया है, जिससे घरेलू आपूर्ति और राजस्व में इजाफा होगा। करों और कुछ अन्य निर्यात प्रतिबंधों से कंपनियों की कमाई प्रभावित होगी, जिनमें रिलायंस इंडस्ट्रीज, नयारा एनर्जी, तेल एवं प्राकृतिक गैस निगम, ऑयल इंडिया लिमिटेड और वेदांत लिमिटेड शामिल हैं।
बजाज ने कहा, ‘कर व्यवस्था की हर 15 दिन पर समीक्षा होगी।’ यह कच्चे तेल के अंतरराष्ट्रीय दाम पर निर्भर होगा। उन्होंने कहा कि अगर कच्चे तेल की कीमत गिरती है तो विंडफाल गेन खत्म हो जाएगा और विंडफाल कर भी खत्म कर दिया जाएगा।  सरकार को भरोसा है कि इस तरह के अचानक होने वाले लाभ तब बंद हो जाएंगे, जब कच्चे तेल की कीमत मौजूदा स्तर से घटकर 40 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच जाएगी।
वैश्विक मंदी के भय से सोमवार को ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स गिरकर 111.27 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया।  हालांकि लीबिया में अशांति और रूस पर प्रतिबंध और ओपीईसी के उत्पादन कम होने के कारण आपूर्ति में कमी बनी हुई है।
यूएस वेस्ट टैक्सस इंडरमीडिएट क्रूड फ्यूचर्स 108.09 डॉलर प्रति बैरल के भाव रहा।

First Published : July 4, 2022 | 11:58 PM IST