सरकार ने 2022-23 सत्र के लिए गन्ने का एफआरपी 15 रुपये प्रति क्विंटल बढ़ाया

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बीएस संवाददाता
Last Updated- December 11, 2022 | 5:06 PM IST

आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति (सीसीईए) ने चीनी विपणन वर्ष 2022-23 (अक्टूबर-सितंबर) के लिए 10.25 प्रतिशत की बुनियादी वसूली दर वाले गन्ने के उचित और लाभकारी मूल्य (एफआरपी) को 305 रुपये प्रति क्विंटल करने की मंजूरी दे दी है।

इस निर्णय से लगभग पांच करोड़ गन्ना किसानों और उनके आश्रितों के साथ-साथ चीनी मिलों और संबंधित सहायक गतिविधियों में कार्यरत लगभग पांच लाख श्रमिकों को लाभ होगा।

 विपणन वर्ष 2022-23 में गन्ने की उत्पादन लागत 162 रुपये प्रति क्विंटल है।

हाल में, भारतीय चीनी मिल संघ (इस्मा) ने कहा था कि भारत का चीनी उत्पादन अक्टूबर से शुरू होने वाले विपणन वर्ष 2022-23 में, एथनॉल निर्माण के लिए गन्ने का इस्तेमाल करने के कारण घटकर 355 लाख टन रह सकता है।

इस्मा के अनुसार, वर्ष 2022-23 में चीनी का उत्पादन 355 लाख टन होने का अनुमान है, जबकि सितंबर को समाप्त होने वाले मौजूदा विपणन वर्ष में यह उत्पादन 360 लाख टन था।

एथनॉल के लिए गन्ने के इस्तेमाल की मात्रा को अलग करने से पहले वर्ष 2022-23 में शुद्ध चीनी उत्पादन अधिक यानी 399.97 लाख टन होने का अनुमान है, जो मौजूदा विपणन वर्ष 2021-22 में 394 लाख टन था।

इस्मा का अनुमान है कि एथनॉल निर्माण के लिए गन्ने के शीरे और बी-शीरा का उपयोग किये जाने से अगले विपणन वर्ष में चीनी उत्पादन में लगभग 45 लाख टन की कमी आएगी। वर्तमान विपणन वर्ष 2021-22 में लगभग 34 लाख टन का इस्तेमाल एथनॉल के लिए होने का अनुमान लगाया गया है।

वर्ष 2022-23 में चीनी की वार्षिक घरेलू मांग लगभग 275 लाख टन होने का अनुमान लगाया गया है, जिसके कारण निर्यात के लिए लगभग 80 लाख टन अधिशेष चीनी बच जायेगा।

मई में, केंद्र ने चीनी की घरेलू उपलब्धता और मूल्य स्थिरता को बनाए रखने के लिए चालू विपणन वर्ष 2021-22 में चीनी निर्यात को एक करोड़ टन पर सीमित कर दिया था।
 
 

First Published : August 3, 2022 | 8:04 PM IST