बारिश के चलते महंगा होने लगा प्याज

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बीएस संवाददाता
Last Updated- December 11, 2022 | 1:48 PM IST

लगातार हो रही बारिश और त्योहारी मांग के कारण प्याज के दाम तेजी से बढ़े हैं। पिछले कई महीनों से उचित दाम न मिलने से निराश किसान प्याज के भाव में सुधार होने से खुश है। एक महीने के अंदर थोक मंडी  में प्याज के दाम करीब एक हजार रुपये प्रति क्विंटल बढ़ गए हैं । जबकि खुदरा बाजार में प्याज 15 रुपये किलो तक महंगी हो गई है। बेमौसम हो रही बारिश की वजह से प्याज की कीमतों में और तेजी की संभावना है।
 
एशिया की सबसे बड़ी थोक प्याज मंडी लासनगांव में प्याज की कीमत 2356 रुपये प्रति क्विंटल पहुंच गई। जबकि औसत भाव 1950 रुपये प्रति क्विंटल पहुंच गया। यहां प्याज का औसत भाव इस महीने के शुरुआत में 1425 रुपये और एक महीना पहले 1160 रुपये चल रहा था। महाराष्ट्र की दूसरी मंड़ियों में भी अक्टूबर महीने में प्याज 500-600 रुपये प्रति क्विंटल महंगी हुई है। थोक बाजार में कीमतें बढ़ने का असर खुदरा बाजार में भी देखने को मिल रहा है। अक्टूबर महीने की शुरुआत में मुंबई में प्याज 20 -25 रुपये प्रति किलो बिक रही थी जो इस समय 30-40 रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंच चुकी है। 
 
पिछले करीब पांच महीनों से परेशान किसान प्याज की कीमतों में सुधार से थोड़े खुश है हालांकि उन्हे अभी और कीमतों में सुधार की उम्मीद है। महाराष्ट्र प्याज उत्पादक संगठन के संस्थापक अध्यक्ष भारत दिघोले का कहना है कि दाम में तेजी दिख रही है इससे किसान खुश हैं। लेकिन अब भी उनके नुकसान की भरपाई नहीं हो पाई है। क्योंकि इस साल पूरे सीजन में किसानों को उचित दाम नहीं मिला। किसानों ने मजबूरी में एक रुपये से आठ रुपये प्रति किलोग्राम के भाव से प्याज बेचा है। जो बेहद कम है। किसानों को कम से कम 30 रुपये प्रति किलो का दाम अगले छह महीने मिले तब जाकर उनके नुकसान की भरपाई होगी।
 
किसान और व्यापारियों की मानी जाए तो थोक बाजार में प्याज के दाम 3000 रुपये प्रति क्विंटल यानी 30 रुपये किलोग्राम तक पहुंचने की उम्मीद है क्योंकि बारिश के कारण स्टॉक की गई प्याज तेजी से सड़ रही है। कारोबारियों का कहना है कि दिवाली से पहले दाम और बढ़ सकते हैं। क्योंकि अब ज्यादातर किसानों का प्याज खराब होकर आधा रह गया है। जिससे आवक में कमी आएगी। ऐसे में दाम में इजाफा होने की संभावना अधिक होगी। महाराष्ट्र देश का सबसे बड़ा प्याज उत्पादक है। यहां देश का करीब 40 फीसदी प्याज पैदा होता है।
 
देश के सबसे बड़े प्याज उत्पादक राज्य महाराष्ट्र में प्याज महंगी होने का असर दूसरे राज्यों में भी पड़ना तय माना जा रहा है। दिल्ली के आजादपुर मंड़ी में प्याज के थोक दाम बढ़कर 2500 रुपये जबकि औसत दाम 1350 रुपये प्रति क्विंटल पहुंच गये हैं। आजादपुर मंडी आलू प्याज कारोबारी संघ के महासचिव राजेंद्र शर्मा कहते हैं कि बारिश से प्याज को नुकसान तो हुआ है लेकिन कितना हुआ यह बारिश बंद होने के कुछ दिन बाद ही पता चलेगा। बारिश से नुकसान की खबर से बीते कुछ दिनों के दौरान प्याज के दाम 300 रुपये प्रति क्विंटल बढ़ चुके हैं। इस समय मंडी में महाराष्ट्र व मध्य प्रदेश से  80 से 90 गाडी स्टॉक वाले प्याज की आवक हो रही है। खरीफ वाला नया प्याज दीवाली बाद आने की संभावना है। 
 
उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक देश भर के खुदरा बाजारों में इस माह प्याज की औसत कीमत 25.44 रुपये से बढ़कर 27.28 रुपये प्रति किलो हो चुकी है। खुदरा बाजारों में प्याज 12 से 60 रुपये किलो बिक रहा है। इस माह मुंबई के खुदरा बाजार में प्याज की औसत कीमत 25 रुपये से बढ़कर 29 रुपये, लखनऊ में 26 रुपये से बढ़कर 29 रुपये और दिल्ली में 25 रुपये से बढ़कर 26 रुपये प्रति किलो हो चुकी है।
 
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक देश में वर्ष 2021-22 में प्याज का रिकॉर्ड 317 लाख टन उत्पादन हुआ, जो वर्ष 2020-21 के उत्पादन 266 लाख टन से करीब 19 फीसदी ज्यादा था। 
 
किसानों की परेशानी को देखते हुए महाराष्ट्र सरकार ने प्याज भंडारण में दी जाने वाली सब्सिड़ी की सीमा 50 मीट्रिक टन तक कर दी। अभी तक अनुदान पांच मीट्रिक टन से 25 मीट्रिक टन तक दिया जा रहा था। प्रदेश में एकीकृत बागवानी विकास अभियान के तहत प्याज की खेती, शेड नेट, ग्रीनहाउस, विभिन्न फसलों की कटाई के बाद प्रबंधन सहित विभिन्न घटकों को सब्सिडी दी जाती है।

 

First Published : October 12, 2022 | 4:45 PM IST