नई फसल की आवक से मंडियों में गिरने लगे आलू के दाम

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बीएस संवाददाता
Last Updated- December 10, 2022 | 11:12 AM IST

साल भर से आलू की महंगाई की मार झेल रहे उपभोक्ताओं को अब राहत मिलने लगी है। नई आवक के दबाव में मंडियों में आलू के दाम गिरने लगे हैं। कारोबारियों के मुताबिक आगे आलू के दाम और गिर सकते हैं। मंडियों में दाम घटने से खुदरा बाजार में भी आलू सस्ता हुआ है।

इस महीने दिल्ली की आजादपुर मंडी में आलू के दाम 1,100-2,800 रुपये से घटकर 600-2,000 रुपये, उत्तर प्रदेश की  फर्रुखाबाद मंडी में दाम 1,450-1,650 रुपये से घटकर 1,100-1,450 रूपये और पंजाब की लुधियाना मंडी में 600-2,500 रुपये से घटकर 500-1,500 रुपये प्रति क्विंटल रह गए हैं। आजादपुर में आलू के मॉडल के भाव 1,975 रुपये से घटकर 1,488 रुपया, लुधियाना में यह भाव 1,500 रुपये से घटकर 1,000 रुपये और फर्रुखाबाद में 1,550 रुपये से घटकर 1,320 रुपये प्रति क्विंटल रह गए हैं। मॉडल भाव पर ही ज्यादातर बिक्री होती है।

केंद्रीय उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय से प्राप्त आंकड़ों के मुताबिक इस माह देश भर के खुदरा बाजार में आलू की औसत कीमत 29.91 रुपये से घटकर 27.36 रुपये प्रति किलो रह गई है। दिल्ली के खुदरा बाजार में इस दौरान औसत मूल्य 33 रुपये से घटकर 30 रुपये, मुंबई में 35 रुपये से घटकर 33 रुपये, लखनऊ में 28 रुपये से घटकर 24 रुपये प्रति किलो पर आ चुके हैं।
आजादपुर मंडी के आलू कारोबारी हरीश वर्मा ने बताया कि नई आवक के दबाव में आलू के दाम गिर रहे हैं। इस माह 400 से 500 रुपये प्रति क्विंटल की गिरावट आ चुकी है। इस समय मंडी में नये आलू की 40 से 50 गाड़ी आ रही हैं और इतनी ही पुराने आलू की आवक है।

उत्तर प्रदेश की आगरा मंडी के आलू कारोबारी दीपक कुमार कहते हैं कि नई आवक के कारण आलू सस्ता हुआ है। आने वाले दिनों में आलू के दाम 150 से 200 रुपये प्रति क्विंटल और गिर सकते हैं। मंडी में नया आलू 1,600 से 1,800 रुपये और पुराना 1,200 से 1,600 रुपये प्रति क्विंटल बिक रहा है। नये आलू की आवक के बीच पुराना आलू भी काफी बचा है।

आगरा कोल्ड स्टोर एसोसिएशन के अध्यक्ष सुदर्शन सिंघल ने कहा कि कोल्ड स्टोर खाली होने की अंतिम तारीख 31 अक्टूबर रहती है। लेकिन अभी भी कोल्ड स्टोरों में 15 फीसदी आलू बचा है। इसका दबाव भी आगे आलू की कीमतों पर दिख सकता है। फिलहाल आलू की कीमतों में मंदी का रुख रहने वाला है।
केंद्र सरकार के सरकारी आंकड़ों के मुताबिक वर्ष 2021-22 में करीब 533.90 लाख टन आलू पैदा होने का अनुमान है, जो वर्ष 2020-21 में पैदा हुए 561.70 लाख टन से करीब 5 फीसदी कम है। 

First Published : November 21, 2022 | 5:10 PM IST