रबी फसलों की बोआई ने पकड़ी रफ्तार, 69 फीसदी बढ़ा चने का रकबा

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बीएस संवाददाता
Last Updated- December 11, 2022 | 12:55 PM IST

रबी फसलों की बोआई अब और रफ्तार पकड़ने लगी है। अब तक गेहूं की बोआई शुरू नहीं होने के बावजूद कुल रबी फसलों की बोआई में अच्छी खासी वृद्धि होना काफी महत्वपूर्ण है। पिछले साल की तुलना में इस साल शुक्रवार तक रबी फसलों की बोआई में 15 फीसदी से ज्यादा बढोतरी दर्ज की गई है।

बेमौसम बारिश से धान की कटाई में हो रही देरी की वजह से अब तक गेहूं की बोआई शुरू नहीं हो सकी है। हालांकि सरसों और चने की बोआई तेजी से हो रही है। मिट्टी की नमी का बेहतर उपयोग करने के लिए किसान जल्द से जल्द बोआई करने पर जोर दे रहे हैं।

भारत सरकार के कृषि व किसान कल्याण विभाग के आंकड़ों के अनुसार चालू रबी सीजन में 28 अक्टूबर तक देश भर में 32.09 लाख हेक्टेयर क्षेत्रफल में रबी फसलों की बोआई हो चुकी है। जो पिछली समान अवधि में हुई 27.69 लाख  हेक्टेयर में बोआई से 15.89 फीसदी ज्यादा है। बोआई में इतनी वृद्धि तब होना और भी महत्वपूर्ण है जब प्रमुख रबी फसल गेहूं की बोआई शुरू भी नहीं हुई है।
 
इसके बावजूद रबी फसलों की बोआई बढ़ने की अहम वजह किसानों द्वारा सरसों और चने की बोआई पर जोर देना है। अब तक 18.99 लाख  हेक्टेयर  में सरसों की बोआई हो चुकी है, जो पिछले साल की समान अवधि में 14.21 लाख  हेक्टेयर  में हुई बोआई से 33.63 फीसदी अधिक है। अब तक हुई कुल रबी फसलों की बोआई में सरसों की हिस्सेदारी करीब 60 फीसदी है। पूरे सीजन सरसों का रकबा आमतौर पर करीब 64 लाख  हेक्टेयर रहता है। इस लिहाज से देखा जाए तो सरसों की 30 फीसदी बोआई हो चुकी है।

कुल बोआई में चने की हिस्सेदारी भले ही सरसों से कम हो, लेकिन बोआई में वृद्धि दर इसकी ज्यादा है। 28 अक्टूबर तक 6.96 लाख  हेक्टेयर  में चने की बोआई हो चुकी है, जो पिछले साल की समान में चने की बोआई 4.12 लाख  हेक्टेयर से 68.93 फीसदी अधिक है। अब तक कुल बोआई में चने की हिस्सेदारी करीब 22 फीसदी है। ज्वार की बोआई बढ़कर दोगुनी से भी ज्यादा हो गई है। अब तक 3.42 लाख हेक्टेयर  में ज्वार की बोआई हो चुकी है, जबकि पिछले साल समान अवधि में यह आंकड़ा 1.58 लाख हेक्टेयर था।  

किसान स्वराज संगठन के अध्यक्ष और मध्य प्रदेश के किसान भगवान मीणा कहते हैं कि इस बार लंबे समय तक बारिश होने के कारण खेतों में नमी है, जो खासकर चने और सरसों की बोआई होने के बाद भी इसकी फसल के लिए फायदेमंद रहने वाली है। इसलिए अभी किसान सरसों और चने की बोआई पर जोर दे रहे हैं। भाव अच्छे मिलने के कारण इस साल सरसों की बोआई काफी बढ सकती है। मीणा गेहूं की बोआई के बारे में कहते हैं कि अगले सप्ताह से गेहूं की बोआई भी शुरू होने की उम्मीद है। 

First Published : October 28, 2022 | 1:17 PM IST