बीते कुछ दिनों से लगातार हो रही बारिश से सोयाबीन की फसल को नुकसान होने की आशंका है। बारिश से सोयाबीन दागी हो गया है और इसकी उत्पादकता भी घट सकती है। बारिश से कटाई प्रभावित होने से इसकी मंडियों में आवक कमजोर है। जिससे सोयाबीन की कीमतों में आ रही गिरावट थम गई और तेजी लौट आई। जानकारों के मुताबिक बारिश थमने और कटाई सुचारु रूप से चालू होने तक भाव और चढ़ सकते हैं। इस साल देश में 125 से 130 लाख टन सोयाबीन पैदा होने का अनुमान है।
मुख्य सोयाबीन उत्पादक राज्य मध्य प्रदेश के सोयाबीन किसान सुनील पाटीदार कहते हैं कि आधी फसल तो कटकर घर आ चुकी हैं। लेकिन बाकी फसल खेतों में खड़ी है। इसमें काफी फसल कटकर खेतों में पड़ी है। जो बारिश के कारण पानी खेतों में भरने से खराब हो रही। खेतों में खड़ी फसल को भी नुकसान है। इसके कटने में देरी होगी।
बारिश के कारण हुए नुकसान से उत्पादकता तो प्रभावित होगी ही, साथ ही सोयाबीन दागी हो जाएगा। जिसकी किसानों को कम कीमत मिलेगी। ओरिगो ई-मंडी के सहायक महाप्रबंधक (जिंस-शोध) तरुण सत्संगी कहते हैं कि बारिश से नुकसान तो हुआ है, लेकिन कितना हुआ है इसका आकलन बारिश रुकने के बाद खेतों में जाकर सर्वेक्षण करने पर ही पता चल पाएगा। बारिश से कटाई रूकने से मंडियों में सोयाबीन की आवक कमजोर पड़ी है।
जिससे इसकी कीमतों में तेजी आई है। पिछले सप्ताह 4,800 से 4,850 रुपये बिकने वाला पुराना सोयाबीन अब 5,000 से 5,050 रुपये प्रति क्विंटल बिक रहा है। इसी तरह 3,500 से 4,700 रुपये बिकने वाला नया सोयाबीन अब 3,800 से 4,800 रुपये प्रति क्विंटल बिक रहा है।
मध्य प्रदेश के अशोकनगर मंडी के सोयाबीन कारोबारी राजेश पालीवाल ने कहा कि बारिश के कारण सोयाबीन को नुकसान के साथ ही इसकी मंडियों में आवक भी प्रभावित हुई है। अगर बारिश नहीं होती तो इस समय मंडी में 15 से 17 हजार बोरी ( 90 किलो) सोयाबीन की आवक होती, लेकिन इस समय 10 से 12 हजार बोरी ही सोयाबीन मंडी में आ रहा है। बीते कुछ दिनों में बारिश के कारण सोयाबीन के दाम 150 रुपये प्रति क्विंटल चढ़ चुके हैं।