इस दीवाली रोशन हुआ लाइटिंग सामान कारोबार

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बीएस संवाददाता
Last Updated- December 11, 2022 | 1:25 PM IST

इस दीवाली लोग घर जगमगाने पर भी खूब खर्च कर रहे हैं। जिससे दीवाली पर लाइटिंग सामान जैसे लड़ी-झालर, दिये, बल्ब, एलईडी, लाइटिंग वाली भगवान की मूर्तियां आदि की बिक्री पिछले साल से ज्यादा हो रही है। डॉलर मजबूत होने से लाइटिंग सामान महंगे है क्योंकि देश में बड़े पैमाने पर लाइटिंग सामान आयात किए जाते हैं। कारोबारी अनुमान के अनुसार इस दीवाली 1,800 से 2,000 करोड़ रुपये मूल्य के लाइटिंग सामान बिकने का अनुमान है। पिछली दीवाली पर 1,500 से 1,600 करोड़ रुपये का लाइटिंग कारोबार हुआ था।
लाइटिंग सामान की बिक्री 20 से 25 फीसदी बढ़ने की संभावना

दिल्ली स्थित भागीरथ प्लेस लाइटिंग सामान का बड़ा बाजार है। इस बाजार के लाइटिंग सामान कारोबारी और आयातक अशोक मल्होत्रा कहते हैं कि बीती दो दीवाली कोरोना के कारण लाइटिंग सामान के कारोबार के लिए अच्छी नहीं रही। अब कोरोना खत्म हो चुका है। इसलिए इस दीवाली लाइटिंग सामानों की बिक्री 20 से 25 फीसदी बढ़ने की संभावना है। पिछले साल कंटेनर की कमी के कारण लाइटिंग सामानों का आयात बाधित हुआ था। लेकिन इस साल आयात पर्याप्त हुआ है। पिछले साल कारोबारियों का ज्यादातर स्टॉक निकल गया था। इसलिए इस बार वे ज्यादा माल इसलिए भी खरीद रहे हैं कि अगर दीवाली पर पूरा माल नहीं भी बिका तो आगे बिक जाएगा।
डॉलर में मजबूती के कारण लाइटिंग सामान 8 से 10 फीसदी महंगे 

दिल्ली इलेक्टिीकल ट्रेडर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष अजय शर्मा ने कहा कि लोगों की आर्थिक स्थिति भी अब पहले से सुधरी है और लोग दीवाली मनाने को लेकर उत्साहित है। इसलिए वे घर सजाने पर भी खर्च करने से परहेज नहीं कर रहे हैं। जिससे इस दीवाली साजो सज्जा के लाइटिंग सामानों की बिक्री पिछले साल से 30 फीसदी से ज्यादा बढ़ने का अनुमान है। 
भागीरथ प्लेस के लाइटिंग सामान कारोबारी प्रवीन कुमार राणा के मुताबिक भी इस साल कारोबार कम से कम 20 फीसदी ज्यादा होने की उम्मीद है। मजबूत डॉलर के कारण आयात महंगा होने से लाइटिंग सामान 8 से 10 फीसदी महंगे जरूर हैं। लेकिन इसका बिक्री पर कोई नकारात्मक असर नहीं दिख रहा है। कारोबारियों का कहना है कि साजो सज्जा के देसी लाइटिंग सामान भी बाजार में खूब आने लगे हैं। फिर भी 60 से 70 फीसदी लडी-झालर, भगवान की मूर्तियां आदि चीन से आयात हो रही हैं। हालांकि 4-5 साल पहले इनकी हिस्सेदारी 90 फीसदी तक होती थी।दिल्ली व्यापार महासंघ के अध्यक्ष देवराज बवेजा कहते हैं कि बाजार में खरीदारों की भारी भीड़ को देखते हुए अंदाजा लगाया जा सकता है कि इस साल दीवाली पर बिक्री पिछले साल से ज्यादा हो रही है। 

First Published : October 21, 2022 | 5:46 PM IST