कमजोर मांग के साथ-साथ इनपुट लागत में इजाफे के कारण सीमेंट के दामों में गिरावट से वर्ष 2021-22 (वित्त वर्ष 22) की जुलाई से सितंबर वाली तिमाही (दूसरी तिमाही) में घरेलू सीमेंट उद्योग का एबिटा नरम रहने के आसार हैं। ब्रोकरेजों ने ऐसी आशंका जताई है।
आम तौर पर मॉनसून की वजह से सीमेंट कंपनियों के लिए दूसरी तिमाही की अवधि कमजोर रहती है, लेकिन सेंट्रम ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि समीक्षाधीन वाली इस तिमाही पर कोयले और पेट्रोलियम कोक (पेटकोक) के दामों में इजाफे की वजह से बिजली और र्ईंधन की लागत का अतिरिक्त असर पड़ रहा है, जिससे मार्जिन में कमी आ रही है। इसके अलावा ट्रांसपोर्टरों की हड़ताल के अलावा अनिश्चित मॉनसून ने भी वित्त वर्ष 22 की दूसरी तिमाही में वॉल्यूम को नुकसान पहुंचाते हुए पूर्वी क्षेत्र में सबसे अधिक हानि पहुंचाई है।
वित्त वर्ष 22 की दूसरी तिमाही में आयातित कोयले के दाम प्रति तिमाही 40 प्रतिशत और सालाना आधार पर 200 प्रतिशत अधिक हैं। सेंट्रम ने कहा है कि हमें इस बात के आसार लग रहे हैं कि दक्षिण और पूर्व में सर्वाधिक तीव्र गिरावट के साथ-साथ मौसम के दौरान कमजोर मांग की वजह से औसत वॉल्यूम में क्रमिक रूप से दो से सात प्रतिशत की गिरावट आएगी और सीमेंट की प्राप्तियों में क्रमिक रूप से दो से तीन प्रतिशत तक की कमी आएगी।
फिलिपकैपिटल की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि जहां एक ओर दूसरी तिमाही में एसीसी के सुस्त रहने की संभावना है, वहीं दूसरी ओर, श्री सीमेंट, डालमिया भारत और अंबुजा सीमेंट जैसी अन्य बड़ी कंपनियों द्वारा मिश्रित रुझान दर्ज किए जाने की उम्मीद है।
एसीसी और अंबुजा सीमेंट के मामले में जुलाई से सितंबर वाली अवधि तीसरी तिमाही दर्शाती है, क्योंकि वे जनवरी से दिसंबर वाले लेखा वर्ष का अनुसरण करते हैं।
अंबुजा सीमेंट के मामले में उत्तर, गुजरात और पूर्वी बाजारों में कम आधार और मजबूत मांग वाले परिदृश्य के कारण वॉल्यूम वृद्धि सालाना आधार पर 18 प्रतिशत बढ़कर 67 लाख टन होने की उम्मीद है। येस सिक्योरिटीज ने कहा कि प्राप्तियां सालाना आधार पर दो प्रतिशत और मौसमी सुधार के आधार पर क्रमिक रूप से तीन प्रतिशत बढऩे की उम्मीद है। इसने कहा कि हमारे कवरेज में सीमेंट कंपनियों का एबिटा सितंबर तिमाही में क्रमिक रूप से 17 प्रतिशत और सालाना आधार पर चार प्रतिशत गिरने की संभावना है। इस वजह से सीमेंट कंपनियों का औसत एबिटा भी सालाना आधार पर प्रति टन आठ प्रतिशत क्रमिक रूप से 16 प्रतिशत घटकर 1,240 रुपये रहने के आसार हैं।