सर्वोच्च न्यायालय ने बुधवार को एनसीएलटी के आदेश के खिलाफ वेदांत समूह की ट्विनस्टार टेक्नोलॉजिज की अपील पर सुनवाई की। ट्विनस्टार के वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा, वीडियोकॉन इंडस्ट्रीज लिमिटेड के लिए उनकी बोली को दिवालिया प्रक्रिया के दौरान लेनदारों की समिति ने मंजूरी दी थी और उसके बाद एनसीएलटी ने भी इसे मंजूर किया था।
हालांकि एनसीएलटी के फैसले के बाद बैंक ऑफ महाराष्ट्र की अगुआई वाले असंतुष्ट लेनदारों ने बोली पर मंजूरी वापस ले ली। तब एनसीएलएटी ने उसके हक में और एनसीएलटी के आदेश के खिलाफ फैसला दिया था। पिछली सुनवाई में उसने कहा था कि सीओसी ने एनसीएलएटी के आदेश के बाद वीडियोकॉन के लिए बोली आमंत्रित की थी। एनसीएलएटी ने समाधान प्रक्रिया में अधिग्रहण के लिए दी गई मंजूरी को दरकिनार कर दिया था।