अदाणी परिवार ने स्वास्थ्य सेवा, शिक्षा और कौशल विकास जैसे क्षेत्रों में विभिन्न परमार्थ पहल के जरिये 60,000 करोड़ रुपये (7.7 अरब डॉलर) दान देने की प्रतिबद्धता जताई है। भारतीय कारोबारी जगत की ओर से यह सबसे बड़े परोपकारी दान में से एक है।
दान के इस कोष का प्रबंधन अदाणी फाउंडेशन द्वारा किया जाएगा, जिसे गौतम अदाणी के पिता शांतिलाल अदाणी की जन्मशती और अदाणी के 60वें जन्मदिन पर आज किया गया।
अदाणी समूह के चेयरमैन गौतम अदाणी ने कहा, ‘बुनियादी स्तर पर, इन तीनों क्षेत्रों से संबंधित कार्यक्रमों को समग्र रूप से देखा जाना चाहिए और वे सामूहिक रूप से समानता और भविष्य के लिए तैयार भारत के निर्माण के लिए प्रेरक हैं। बड़ी परियोजनाओं की योजना और निष्पादन में हमारा अनुभव तथा अदाणी फाउंडेशन द्वारा किए गए कार्यों से मिली सीख हमें इन कार्यक्रमों में विशिष्ट रूप से तेजी लाने में मदद करेगी।’ उन्होंने कहा कि अदाणी परिवार के इस योगदान का उद्देश्य कुछ ऐसे प्रतिभाशाली लोगों को आकर्षित करना है जो अदाणी फाउंडेशन के हमारे ‘अच्छाई के साथ विकास’ के दर्शन को पूरा करने की यात्रा में बदलाव लाने का जुनून रखते हैं।
अजीम प्रेमजी फाउंडेशन के चेयरमैन और विप्रो के संस्थापक चेयरमैन अजीम प्रेमजी ने कहा, ‘गौतम अदाणी और उनके परिवार की परोपकार के प्रति प्रतिबद्धता यह उदाहरण पेश करेगी कि हम सभी महात्मा गांधी के धन के ट्रस्टीशिप के सिद्धांत को अपनी व्यावसायिक सफलता के चरम पर जीने की कोशिश कर सकते हैं और इसके लिए हमें अंतिम समय की प्रतीक्षा करने की आवश्यकता नहीं है।’
प्रेमजी ने कहा, ‘हमारे देश की चुनौतियों और संभावनाओं की मांग है कि हम धन, क्षेत्र, धर्म, जाति और समेत सभी भेद को खत्म करते हुए साथ मिलकर काम करें।’ हुरुन रिपोर्ट के अनुसार प्रेमजी देश की सबसे बड़ी परोपकारी हस्तियों में से एक है जिन्होंने वित्त वर्ष 2021 में 9,700 करोड़ रुपये दान दिया था।
प्रेमजी 2010 में परोपकार के लिए दान देने का संकल्प (गिविंग प्लेज) पर हस्ताक्षर करने वाले पहले भारतीय थे और तब से प्रेमजी ने विप्रो की 67 फीसदी हिस्सेदारी अजीम प्रेमजी एंडाउमेंट फंड को हस्तांतरित की है।
हुरुन की रिपोर्ट के मुताबिक दान देने के मामले में शिव नादर परिवार दूसरे स्थान पर है। उसने परोपकारी पहल पर 1,263 करोड़ रुपये खर्च किए हैं, वहीं अंबानी परिवार ने पिछले वित्त वर्ष में 500 करोड़ रुपये का दान दिया था।
हुरुन की 2021 की रिपोर्ट के मुताबिक दुनिया के सबसे बड़े दानदाताओं में टाटा समूह के संस्थापक जमशेदजी टाटा शीर्ष पर हैं। उनके दान का अनुमानित वर्तमान मूल्यांकन 102 अरब डॉलर है। इसके बाद 74.6 अरब डॉलर के साथ बिल गेट्स और मेलिंडा गेट्स फाउंडेशन का नाम आता है। टाटा ट्रस्ट्स भारत में टाटा समूह की चैरिटी पहल चलाती है।