सीमेंट क्षेत्र में बड़ी कंपनियों का दबदबा बढ़ रहा है। अदाणी समूह ने सीमेंट क्षेत्र में अपने दूसरे अधिग्रहण के तौर पर जेपी समूह की सीमेंट परिसंपत्तियों को 5,000 करोड़ रुपये के उद्यम मूल्य पर खरीदने की तैयारी में है। उधर इंडिया सीमेंट्स ने कहा कि उसने मध्य प्रदेश में चूना पत्थर की खदान और जमीन सज्जन जिंदल की कंपनी जेएसडब्ल्यू सीमेंट को 477 करोड़ रुपये में बेच दी है।
जेपी के सीमेंट कारोबार का बड़ा हिस्सा अल्ट्राटेक पहले ही करीब 16,000 करोड़ रुपये में खरीद चुकी है। जेपी के पास कुछ ही इकाइयां बची थीं, जिन्हें अब अदाणी समूह के हाथ बेचा जा रहा है। जेपी समूह की प्रमुख कंपनी जयप्रकाश एसोसिएट्स के निदेशक मंडल ने आज सीमेंट इकाइयां बेचने के प्रस्ताव को मंजूरी दे
दी। जेपी एसोसिएट्स का शेयर आज 10 फीसदी बढ़कर 11.74 रुपये पर बंद हुआ। जयप्रकाश पावर वेंचर्स भी 4 फीसदी उछलकर 8.49 रुपये पर बंद हुआ।
जेपी समूह और उसकी सहायक इकाई जयप्रकाश पावर वेंचर्स के पास कुल 1.05 करोड़ टन सालाना सीमेंट बनाने की क्षमता थी। उसके पार अपने इस्तेमाल के लिए 339 मेगावाट क्षमता का बिजली संयंत्र भी था। मगर समूह ने नकदी संकट के कारण शाहबाद सीमेंट संयंत्र की क्षमता बढ़ाकर 12 लाख टन करने की योजना टाल दी थी।
विश्लेषकों का कहना है कि जेपी की सीमेंट संपत्तियों को खरीदने से 2030 तक भारत की अग्रणी सीमेंट कंपनी बनने की अदाणी की योजना को बल मिलेगा। कंपनी ने 7 करोड़ टन सालाना की अपनी मौजूदा क्षमता को 2030 तक बढ़ाकर 14 करोड़ टन करने का लक्ष्य रखा है।
अल्ट्राटेक ने भी 2030 तक अपनी उत्पादन क्षमता 12 करोड़ टन से बढ़ाकर 16 करोड़ टन करने की घोषणा की है। जेएसडब्ल्यू की योजना वित्त वर्ष 2025 तक अपनी सीमेंट उत्पादन क्षमता 1.7 करोड़ टन से बढ़ाकर 2.5 करोड़ टन करने की है। जेएसडब्ल्यू सीमेंट ने अंबुजा सीमेंट के लिए 7 अरब डॉलर की बोली लगाई थी। लेकिन भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग की आपत्तियों के डर से होल्सिम (अंबुजा की उस समय की प्रवर्तक कंपनी) ने उसकी बोली स्वीकार नहीं की।
बैंकरों ने कहा कि मध्य प्रदेश की इकाइयां खरीदने के साथ ही जेएसडब्ल्यू सीमेंट ने इंडिया सीमेंट्स की राजस्थान इकाई के लिए भी आकर्षक पेशकश की है। इंडिया सीमेंट्स ने पिछले साल मध्य प्रदेश में 30 लाख टन क्षमता का संयंत्र लगाने का काम शुरू किया था। परियोजना के साथ चूना पत्थर की खदान भी जुड़ी थी। ऐसे में इस अधिग्रहण से जेएसडब्ल्यू सीमेंट को मध्य भारत के बाजार में प्रवेश करने में मदद मिलेगी। जेएसडब्ल्यू सीमेंट ने पिछले 15 महीने में अपनी क्षमता के विस्तार के लिए 2,000 करोड़ रुपये की पूंजी जुटाई है।