उत्तर प्रदेश में गंगा एक्सप्रेसवे के लिए वित्तीय व्यवस्था करने के बाद अदाणी समूह ने मैक्वेरी एशिया इन्फ्रास्ट्रक्चर फंड (एमएआईएफ) से सड़क परियोजनाएं खरीदने के लिए कोष जुटाएगा।
अदाणी एंटरप्राइजेज लिमिटेड की दो इकाइयां – अदाणी रोड जीआरआईसीएल लिमिटेड (एआरजीएल) और अदाणी रोड एसटीपीएल लिमिटेड (एआरएसएल) गैर-परिवर्तनीय डिबेंचर (एनसीडी) के जरिये 800 करोड़ रुपये तक जुटाएंगी।
एआरजीएल ने गुजरात रोड इन्फ्रास्ट्रक्चर ऐंड इन्फ्रास्ट्रक्चर कंपनी लिमिटेड (जीआरआईसीएल) में 56.8 प्रतिशत हिस्सेदारी खरीदने की योजना बनाई है। एआरजीएल बाद में जीआरआईसीएल में आईएलऐंडएफएस की 26.8 प्रतिशत हिस्सेदारी खरीदने पर भी विचार कर रही है। एआरएसएल भी स्वर्ण टोलवे प्राइवेट लिमिटेड (एसटीपीएल) में 100 प्रतिशत हिस्सेदारी मैक्वेरी से खरीदेगी।
जीआरआईसीएल गुजरात में राज्य की दो सड़क परियोजनाएं (अहमदाबाद-मेहसाणा और वडोदरा-हलोल के बीच) विकसित करने के लिए 2 जून, 1999 में बनाई गई विशेष उद्देश्य वाली इकाई है।
यह परियोजना निर्माण, स्वामित्व, परिचालन और स्थानांतरण (बीओओटी) आधार पर तैयार की गई थी। 2001 में गठित स्वर्ण टोलवे प्राइवेट लिमिटेड आंध्र प्रदेश में सड़क परियोजनाओं के क्रियान्वयन के लिए विशेष उद्देश्य वाली कंपनी है।
पिछले सप्ताह, अदाणी एंटरप्राइजेज ने गंगा एक्सप्रेसवे प्रोजेक्ट उत्तर प्रदेश के लिए भारतीय स्टेट बैंक से 10,238 करोड़ रुपये के ऋण हासिल किए थे। यह परियोजना मेरठ को प्रयागराज के साथ जोड़ेगी। उत्तर प्रदेश में ये दोनों शहरों में कार्य डीबीएफओटी आधार पर किया जाएगा।
एनसीडी की अवधि आवंटन की तारीख से तीन साल की है। इन डिबेंचर को रेटिंग एजेंसी क्रिसिल से ‘एए-‘ रेटिंग हासिल है।
रेटिंग 15 वर्षों के परिचालन रिकॉर्ड के साथ परियोजना की औसत ट्रैफिक क्षमता को दर्शाती है। भुगतान में 6 महीने के इंटरेस्ट सर्विस रिजर्व अकाउंट (आईएसआरए) का निर्माण और पूर्व-भुगतान के लिए संपूर्ण अधिशेष नकदी प्रवाह का इस्तेमाल भी शामिल है।