अनिल धीरूभाई अंबानी ग्रुप की कंपनी ऐडलैब्स को कॉपीराइट की चोरी के खिलाफ काम करने वाली अमेरिकी संस्था फैक्ट (फेडरेशन अगेन्स्ट कॉपीराइट थेफ्ट) की तरफ से प्रमाण पत्र मिल गया है।
अब ऐडलैब्स भारत के साथ पूरे एशिया में इस प्रमाणप्रत्र को हासिल करने वाली इकलौती कंपनी बन गई है। कंपनी के एक बयान में कहा गया है कि पाइरेसी के खिलाफ ऐडलैब्स के सराहनीय प्रयासों को देखते हुए कंपनी को यह प्रमाण पत्र दिया गया है। यह प्रमाणपत्र मुंबई की ऐडलैब्स के फिल्म सिटी परिसर में स्थित कंपनी की प्रिंट लैब, डिजिटल लैब, डिजिटल सिनेमा और एडलैब्स के थिएटरों पर लागू होता है।
पोस्ट प्रोडक्शन पर नजर
फिल्म निर्माण के क्षेत्र में महारथ हासिल कर चुकी कंपनी को यह मान्यता उस समय मिली है जब उसने फिल्म संबंधी सेवाओं के क्षेत्र में अपने पोर्टफोलियो में विस्तार किया है। कंपनी पहले सिर्फ मोशन पिक्चर्स के कारोबार में ही थी। लेकिन अब कंपनी ने फिल्म निर्माण के अलावा पोस्ट प्रोडक्शन के क्षेत्र में अपना विस्तार किया है।
ऐडलैब्स फिल्म्स के मुख्य कार्यकारी अनिल अर्जुन ने कहा, ‘एशिया- प्रशांत क्षेत्र में फिल्म निर्माण से जुड़ी कंपनियों को हर साल पाइरेसी के कारण लगभग 90 अरब रुपये का नुकसान उठाना पड़ता है। इसीलिए फिल्मों की पाइरेसी को रोकना एक गंभीर मामला है।’
उन्होंने कहा कि सॉफ्टवेयर की सुरक्षा करना फिल्म निर्माता के लिए सबसे जरूरी काम है। इसीलिए हमने इस बात को ध्यान में रखते हुए इससे बचने के सभी इंतजाम किए हैं। हम इसे लेकर बेहद खुश है कि इस दिशा में हमारे प्रयासों को इतनी सम्मानित संस्था ने सराहा है।