भारत में ग्लोबल टेक इनवेस्टर्स प्रोसेस (Prosus) के द्वारा Billdesk को अधिगृहण करने की डील रद्द होने के बाद अब बिलडेस्क कोर्ट पहुंचने की तैयारी में है। बता दें, प्रोसस की अपनी यूनिट पेयू (PayU) के जरिये 4.7 अरब डॉलर में Billdesk के अधिगृहण की योजना थी।
Prosus का BillDesk को खरीदने की योजना को रद्द करने का फैसला पूरे इकोसिस्टम के लिए एक बड़ा झटका है।
बेवसाइट मनीकंट्रोल की रिपोर्ट के अनुसार, अब इस अधिगृहण रद्द होने के बाद बलिडेस्क प्रोसेस पर केस करने की योजना बना रही है। वहीं, Prosus के प्रवक्ता ने कहा कि कंपनी एक्सचेंज फाइलिंग्स में किए गए ऐलान के अलावा कोई और टिप्पणी नहीं कर सकती है। Prosus ने संभावित कानूनी जंग से जुड़े सवाल पर भी कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है।
वहीं, BillDesk के कोफाउंडर और डायरेक्टर एम एन श्रीनिवासु (MN Srinivasu) ने इस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है।
हाल में नीदरलैंड की कंपनी Prosus NV ने डील कैंसिल करते हुए स्टॉक एक्सचेंजों को बताया था, ‘PayU को 5 सितंबर को CCI का एप्रूवल मिला था। हालांकि, कुछ खास शर्तें थी जो कि 30 सितंबर तक पूरी नहीं की गईं। इससे डील की शर्तों के अनुसार एग्रीमेंट ऑटोमैटिकली रद्द हो गया है।‘
कंपनी के इस फैसले ने भारत में PayU के अधिकारियों, बिलडेस्क की टीम और शेयरहोल्डर्स को भी चौंका दिया है, जिन्हें इस ऐलान से महज कुछ घंटे पहले ही इसके बारे में जानकारी दी गई थी।