दिग्गज सॉफ्टवेयर कंपनी माइक्रोसॉफ्ट के वाइस चेयरमैन एवं अध्यक्ष ब्रैड स्मिथ (Microsoft Vice Chair & President Brad Smith) ने कृत्रिम मेधा (AI) के लिए व्यापक कानूनी एवं नियामकीय ढांचा (legal and regulatory framework) बनाने के साथ एआई प्रणाली में सुरक्षा सुनिश्चित करने वाले उपायों की भी वकालत की है।
जी20 के व्यापार एवं निवेश मंत्रियों की बैठक में शामिल होने के लिए भारत दौर पर आए स्मिथ ने अपने एक ब्लॉग में एआई को लेकर दुनियाभर में जताई जा रही आशंकाओं पर व्यापक चर्चा शुरू करने का आह्वान करते हुए कहा है कि जी20 का अध्यक्ष भारत इस दिशा में काफी मददगार हो सकता है।
उन्होंने ‘एआई में भारत के लिए अवसर’ शीर्षक से लिखे इस ब्लॉग में भारत के विशेष संदर्भ में पांच प्रमुख सुझाव दिए हैं। इनमें से एक सुझाव यह है कि सरकार की अगुवाई में नया एआई सुरक्षा प्रारूप बनाने और उसे अमलीजामा पहनाने की जरूरत है।
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स्मिथ ने कहा कि एआई प्रशासन के विविध पहलुओं को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कारगर बनाने के लिए एक बहुपक्षीय प्रारूप की जरूरत होगी। यह प्रारूप कई देशों के नियमों एवं कानूनों को एकसूत्र में जोड़ने का काम करेगा और यह सुनिश्चित करेगा कि किसी एक देश में सुरक्षित बताई गई एआई प्रणाली दूसरे देश में भी सुरक्षित मानी जाए।
उन्होंने इस दिशा में विमानन क्षेत्र के अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा मानकों को एक नजीर बताते हुए कहा कि एआई प्रणाली के लिए बहुपक्षीय प्रारूप इसी आधार पर तैयार किया जा सकता है।
माइक्रोसॉफ्ट के अध्यक्ष ने कहा, ‘‘जी20 का मौजूदा अध्यक्ष और एआई पर वैश्विक भागीदारी का प्रमुख होने के नाते भारत एआई से जुड़े मसलों पर वैश्विक चर्चा को आगे बढ़ाने में मदद के लिए एकदम सही जगह पर है।’’ उन्होंने कहा कि एआई के नियमन को लेकर भारत के प्रयासों को कई देश एक उदाहरण के तौर पर लेंगे।
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