नए सफर पर एयर इंडिया, पट्टे पर लिए 30 जहाज

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बीएस संवाददाता
Last Updated- December 11, 2022 | 3:40 PM IST

 टाटा समूह के झंडे तले आई विमानन कंपनी एयर इंडिया ने 25 एयरबस और पांच बोइंग विमान जहाज पट्टे पर लिए हैं। कंपनी ने आज बताया कि इन विमानों का इस्तेमाल दिसंबर से शुरू हो जाएगा। पतली बॉडी वाले एयरबस का इस्तेमाल देश के भीतर और पड़ोसी देशों की यात्रा के लिए होगा। बोइंग की बॉडी चौड़ी होने के कारण इसमें ईंधन अधिक आता है। इसलिए लंबी दूरी की उड़ानों जैसे भारत-अमेरिका मार्ग पर बोइंग का इस्तेमाल ज्यादा होगा। 
टाटा समूह ने 27 जनवरी को इस कंपनी की कमान अपने हाथ में लेने के बाद पहली बार विस्तार किया है। एयर इंडिया ने कहा,’ पट्टे पर लिए विमानों में 21 ‘ एयरबस ए 320 नियोज’, चार ‘एयरबस ए321 नियोज’ और पांच ‘बोइंग बी777-200 एलआरएस’ हैं।’ पट्टे पर विमान देने वाली कंपनियां 2023 के अंत तक इन्हें मुहैया कर देंगी, जिसके साथ ही एयर इंडिया के बेड़े में कुल 143 विमान हो जाएंगे।
एयर इंडिया ने यात्रियों के लिए प्रीमियम इकॉनमी क्लास बनाने का फैसला है। पट्टे पर लिए जाने वाले इन सभी जहाजों में यात्रियों के लिए प्रीमियम इकॉनमी क्लास होगी। अभी एयर इंडिया के बेड़े में शामिल विमानों में इकॉनमी और बिजनेस क्लास हैं। कुछ में प्रथम श्रेणी भी है। पांच ‘बोइंग बी777-200 एलआर’ विमानों में प्रीमियम इकॉनमी क्लास भी होगी। फिलहाल यह श्रेणी केवल विस्तारा के विमानों में है, जो में टाटा समूह और सिंगापुर एयरलाइंस का संयुक्त उपक्रम है।
एयर इंडिया के पास पतली बॉडी वाले 70 विमान हैं। इनमें से 54 उड़ान भर रहे हैं। चौड़ी बॉडी के 43 विमान हैं, जिनमें से 33 उड़ रहे हैं। अभी जिन विमानों की सेवाएं नहीं ली जा रही हैं, उन्हें 2023 की शुरुआत में सेवा में शामिल किए जाने संभावना है।  कंपनी ने बताया कि पट्टे पर लिए जा रहे ‘बी777-200 एलआर’ विमान दिसंबर, 2022 से मार्च, 2023 के बीच बेड़े में शामिल हो सकते हैं। इन्हें महानगरों से अमेरिका के मार्ग पर लगाया जाएगा। कंपनी ने कहा, ‘मुंबई से सैन फ्रांसिस्को और न्यूयार्क क्षेत्र के अंतराराष्ट्रीय हवाई अड्डों न्यूवार्क व जॉन एफ केनेडी के लिए  अतिरिक्त उड़ानें भरी जाएंगी। बेंगलूरु से हफ्ते में तीन बार सैन फ्रांसिस्को के लिए उड़ान होगी।’
कोविड-19 महामारी फैलने और फरवरी में रूस-यूक्रेन के बीच युद्ध शुरू हो जाने के बाद भारत-अमेरिका और भारत-कनाडा मार्गों पर एयर इंडिया की उड़ानों की मांग बढ़ गई है। पहले भारत-अमेरिका हवाई मार्ग में विमान हॉन्गकॉन्ग या पेइचिंग में से एक जगह रुकते थे। मगर रूस-यूक्रेन युद्ध शुरू होने के बाद रूस ने अपने हवाई क्षेत्र से अमेरिका और कनाडा के जहाजों की उड़ान पर प्रतिबंध लगा दिया है। इसके बाद भारत और अमेरिका के बीच उड़ानें कम हो गई हैं।
एयर इंडिया के एमडी एवं सीईओ कैम्पबेल विल्सन ने कहा, ‘कारोबार ज्यादा नहीं बढ़ा है। फिर भी लंबे अरसे बाद बेड़े में विस्तार कर एयर इंडिया खुश है। एयर 
इंडिया वैश्विक स्तर पर पांव जमाने और कारोबार बढ़ाने पर काम कर रही है। नए हवाई जहाज इसी की शुरुआत हैं।’

First Published : September 12, 2022 | 9:55 PM IST