एल्युमीनियम एसोसिएशन ऑफ इंडिया (AAI) ने कोयले की कमी को दूर करने के लिए प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) से हस्तक्षेप की मांग की है। AAI ने कहा है कि सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी कोल इंडिया को इस उद्योग की ईंधन आपूर्ति को प्राथमिकता देने का निर्देश दिया जाना चाहिए।
उद्योग संगठन ने इस महीने की शुरुआत में पीएमओ के प्रधान सचिव पी के मिश्रा को भेजे एक पत्र में कहा, ‘उद्योग को अत्यधिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है, जो घरेलू एल्युमीनियम उद्योग को ठप होने के लिए मजबूर करेगा।’
संगठन ने कहा, ‘इसलिए हम आपके तत्काल हस्तक्षेप और कोल इंडिया को समझौते का सम्मान करने तथा प्राथमिकता के आधार पर एल्यूमीनियम उद्योग को कोयले की आपूर्ति करने का निर्देश देने का आग्रह करते हैं।’ निकाय ने कहा, ‘रिकॉर्ड कोयला उत्पादन और प्रेषण के बावजूद एल्युमीनियम उत्पादकों के निजी उपयोग वाले बिजली संयंत्रों (सीपीपी) को ईंधन आपूर्ति समझौतों (एफएसए) के तहत कोयले की आपूर्ति से वंचित किया जा रहा है।’
भारतीय एल्युमीनियम उद्योग ने 4.1 लाख टन प्रति वर्ष क्षमता स्थापित करने के लिए 1.4 लाख करोड़ रुपये का निवेश किया है। संगठन के अनुसार यह उद्योग देश में 10 लाख से अधिक लोगों को प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार और 4,000 से अधिक लघु और मध्यम उद्यमों (एसएमई) को व्यापार के अवसर प्रदान करता है।