अमेरिका के एंडरसन ग्रुप भारत एवं अन्य देशों में सलाहकार सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए एंडरसन कंसल्टिंग नाम से एक नई कंपनी स्थापित करेगा। नई कंपनी कारोबार प्रबंधन एवं रणनीति, प्रौद्योगिकी, साइबर सिक्योरिटी, बिजनेस ट्रांसफॉर्मेशन और प्रतिभाओं की नियुक्ति जैसे उभरते क्षेत्रों में अपनी सेवाएं उपलब्ध कराएगी।
एंडरसन के वैश्विक चेयरमैन मार्क एल वोर्सत्ज ने बिजनेस स्टैंडर्ड से कहा, ‘हम संभवत: बिजनेस प्रॉसेस आउटसोर्सिंग और आंतरिक ऑडिटिंग पर ध्यान केंद्रित करेंगे।’ वह पश्चिम एशिया, मध्य एशिया, एशिया प्रशांत एवं भारत के लिए समूह की रणनीति पर आयोजित दो दिवसीय बैठक में भाग लेने के लिए दिल्ली में हैं। उन्होंने कहा कि एंडरसन कंसल्टिंग एक अलग कंपनी होगी लेकिन वह मुनाफा और लागत एंडरसन ग्लोबल के साथ साझा करेगी।
एंडरसन ग्लोबल एक कर एवं कानूनी सेवा सलाहकार फर्म है। नांगिया एंडरसन एलएलपी कर सलाहकार सेवाओं के लिए उसका भारतीय सदस्य साझेदार है जबकि कानूनी सेवाओं के लिए उसका सहयोगी साझेदार फर्म वैश ऐंड एसोसिएट्स है। वोर्सत्ज ने कहा, ‘हम उम्मीद करते हैं कि 2023 के अंत तक एक अलग कंपनी स्थापित हो जाएगी।’ एंडरसन कंसल्टिंग भारत में स्थानीय साझेदारों के साथ करार करेगी। उन्होंने कहा, ‘हमने उनके साथ बातचीत शुरू कर दी है।’
उन्होंने कहा कि समूह का मानना है कि परामर्श सेवा कारोबार में कई उभरते क्षेत्र हैं जिन्हें भुनाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि अपने 384 कार्यालयों के साथ 174 देशों में कारोबार करती है। एंडरसन 12,000 से अधिक पेशेवरों और 1,800 साझेदारों के साथ दुनिया की सबसे बड़ी पेशेवर सेवा कंपनियों में शामिल है।
एशिया में केवल दो देशों- चीन और जापान- में एंडरसन की मौजूदगी नहीं है। वोर्सत्ज ने कहा, ‘हम उन देशों में अपना कारोबार शुरू करने के लिए काम कर रहे हैं। कुछ बड़े बाजारों में अपनी पहुंच बनाने में समय लगता है। भारत में हमें करीब तीन साल लगे। हमने चीन और जापान के लिए कंपनियों को शॉर्टलिस्ट किया है। मैं चाहता हूं कि इन दोनों देशों में 2023 के अंत तक परिचालन शुरू हो जाए।’