बाजार के दंगल में एक और सूरमा!

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बीएस संवाददाता
Last Updated- December 07, 2022 | 7:47 PM IST

ब्रिटेन की तेल-गैस खोज व उत्खनन कंपनी इंपीरियल एनर्जी की बोली में सरकारी स्वामित्व वाली कंपनी ओएनजीसी की विदेश शाखा ओवीएल को शुरुआती सफलता मिलने से कंपनी उत्साहित है।


अब कंपनी ओएनजीसी विदेश लिमिटेड (ओवीएल) को सूचीबद्ध कराने की योजना बना रही है। कंपनी के सूत्रों के मुताबिक, ओवीएल को सूचीबद्ध कराने का मकसद इंपीरियल एनर्जी के अधिग्रहण के लिए जरूरी धन हासिल करना। दरअसल, कंपनी को इंपीरियल एनर्जी के अधिग्रहण के लिए कर्ज लेना पड़ेगा, जिसका भुगतान बाजार से जमा पैसे से किया जा सकता है, वहीं भविष्य में अधिग्रहण योजनाओं को अंजाम देने में भी इससे मदद मिलेगी।

गौरतलब है कि इंपीरियल एनर्जी के अधिग्रहण के लिए ओवीएल, डायचे बैंक से 1 अरब डॉलर (करीब 40 अरब रुपये) कर्ज लेगी, वहीं शेष 1.8 अरब डॉलर (करीब 72 अरब रुपये) मूल कंपनी ओएनजीसी से 6 फीसदी के ब्याज पर ले सकती है।

इसके साथ ही कंपनी का विभिन्न बैंकों में 15,750 करोड़ रुपये का फिक्स्ड डिपोजिट (सावधि जमा) है, जिससे उसे करीब 1697 करोड़ रुपये का सालाना ब्याज मिलता है। इस रकम को भी कंपनी अधिग्रहण में लगा सकती है।

हालांकि ओवीएल को सूचीबद्ध करने की फिलहाल तिथि तय नहीं है, लेकिन सूत्रों का कहना है कि वर्ष 2009 में  इसे सूचीबद्ध किया जा सकता है। सूत्रों के मुताबिक, कंपनी का पहला मकसद इंपीरियल एनर्जी का अधिग्रहण है। रूस की सरकार ने अधिग्रहण प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है और इस बाबत जैसे ही अधिकारिक अनुमति मिलेगी, अधिग्रहण जल्द ही पूरा कर लिया जाएगा।

सूत्रों के मुताबिक, ओवीएल को सूचीबद्ध कराने के पीछे कंपनी के बैलेंस शीट को मजबूती प्रदान करना है, ताकि ओएनजीसी पर इसकी निर्भरता कम हो। सूत्रों का कहना है कि ओएनजीसी ने अपनी इस सहयोगी कंपनी में सीमा से ज्यादा निवेश कर चुकी है। ऐसे में अतिरिक्त निवेश के लिए उसे आर्थिक मामलों की कैबिनेट समिति से मंजूरी लेनी होगी।

यही वजह है कि ओवीएल को मजबूती प्रदान करने और धन की जरूरतों को पूरा करने के लिए उसे सूचीबद्ध करने की तैयारी चल रही है। सूत्रों का कहना है कि ओवीएल विदेशों में काम करती है, ऐसे में ओएनजीसी, उसे विदेशी बाजारों में भी सूचीबद्ध करा सकती है। हालांकि बाजार नियामक सेबी के नियम के मुताबिक, भारत में पंजीकृत कोई भी कंपनी विदेश में तभी सूचीबद्ध हो सकती है, जब वह घरेलू बाजार में सूचीबद्ध हो।

इंपीरियल एनर्जी के अधिग्रहण के लिए ओवीएल की धन जुटाने की कवायद
विदेशी बाजारों में भी आजमा सकती है अपनी तकदीर

First Published : September 4, 2008 | 12:46 AM IST