फेडेरेशन ऑफ ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशन (फाडा) के अध्यक्ष मनीष राज सिंघानिया ने आज कहा कि ऑटो विक्रेताओं और विनिर्माता कंपनियों के बीच संबंध अच्छे नहीं हैं। उन्होंने कहा कि इसका मुख्य कारण विनिर्माता कंपनियों की वित्तीय वजह से दोनों के बीच अनुचित अनुबंध है।
उन्होंने चौथे ऑटो रिटेल कॉन्क्लेव में प्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए कहा, दोनों के बीच अनुबंधों में असंतुलन को देखते हुए फाडा ने एक मॉडल डीलर समझौता (एमडीए) तैयार किया है, जो संबंधों में संतुलन और समानता स्थापित करना चाहता है।
सिंघानिया ने कहा कि एमडीए माध्यम से फाडा ने भारतीय डीलरों के सामने आने वाले प्रमुख मुद्दों जैसे कि जब एक ओईएम (मूल उपकरण निर्माता) बाजार से बाहर निकलता है तो सुरक्षा की कमी, ओईएम पर स्पष्ट पुनर्खरीद दायित्वों की कमी, और विक्रेताओं के लिए स्पष्ट क्षतिपूर्ति की कमी को संबोधित करने की कोशिश की है।
एमडीए को एक कॉन्क्लेव में लॉन्च किया गया और ओईएम के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ साझा किया गया था।
सिंघानिया ने सोसाइटी ऑफ ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स (सायम) से एमडीए का अध्ययन करने और ओईएम द्वारा इसे लागू करने के लिए पूर्ण सहयोग की
मांग की।
उन्होंने कहा, डीलरों और वाहन निर्माताओं के बीच निर्माताओं की वित्तीय ताकत और अपेक्षाकृत कम डीलरों, जो आमतौर पर अपनी डीलरशिप स्थापित करने के लिए अपनी जीवन बचत का उपयोग करते हैं, को देखते हुए दोनों के बीच कठिन संबंध है।
उन्होंने कहा कि फाडा ने दुनिया भर में ऑटो कंपनियों के साथ डीलरों के बीच हुए समझौतों का तुलनात्मक विश्लेषण किया।
सिंघानिया ने कहा, हमने पाया कि भारत में ओईएम (मूल उपकरण निर्माता) डीलरों के कारोबार पर कड़ा नियंत्रण रखते हैं।
फाडा पूरे भारत में 26,500 डीलरशिप वाले 15,000 से अधिक ऑटोमोबाइल डीलरों का प्रतिनिधित्व करता है।
उन्होंने प्रस्ताव दिया कि ऑटो उद्योग के मुद्दों से निपटने के लिए तीन उद्योग निकायों – फाडा, सायम और ऑटोमोटिव कंपोनेंट मैन्युफैक्चरर्स असोसिएशन ऑफ इंडिया (एक्मा) के बीच तिमाही बैठकें होनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि टाटा संस के पूर्व चेयरमैन साइरस मिस्त्री की कार दुर्घटना में मौत के बाद देश भर के ऑटो डीलर जल्द ही ‘बकल अप इंडिया’ अभियान चलाएंगे। यह ग्राहकों को अपनी कार से चलने से पहले (सीट बेल्ट) बांधने और अपने दोपहिया वाहनों की सवारी करने से पहले हेलमेट पहनने के लिए प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से किया जाएगा।
सिंघानिया ने कहा, यह अभियान देश भर में प्रत्येक तीन माह पर किसी न किसी रूप में किया जाएगा। हम ग्राहकों को सुरक्षा के लेकर सचेत करना चाहते हैं।
मर्सिडीज कार की पिछली सीट पर बैठे होने के बाद भी 4 सितंबर को महाराष्ट्र के पालघर में मिस्त्री की कार दुर्घटना में मौत हो गई थी । पुलिस के मुताबिक, वह दुर्घटना के समय सीट हेल्ट नहीं लगाए थे।
7 सितंबर को बिजनेस स्टैंडर्ड के साथ एक कार्यक्रम में सड़क एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने कहा था कि सरकार जल्दी ही पिछली सीट पर बैठकर सीटबेल्ट न लगाने वालों के लिए भी दंड प्रावधान लाएगी।