देश की सबसे कीमती स्टार्टअप और शिक्षा प्रौद्योगिकी कंपनी बैजूस ने आज कहा कि वित्त वर्ष 2020-21 में उसने 2,428 करोड़ रुपये का राजस्व हासिल किया, जिस पर उसे 4,500 करोड़ रुपये का घाटा हुआ। राजस्व के मोर्चे पर कंपनी का प्रदर्शन एक साल पहले के अनुरूप है। इससे पिछले वित्त वर्ष के लिए कंपनी ने 2,511 करोड़ रुपये के राजस्व पर 300 करोड़ रुपये का घाटा दर्ज किया था। वित्त वर्ष 2021 के लिए बैजूस के वित्तीय नतीजे उसके अंकेक्षक डेलॉयट हस्किंस ऐंड सेल्स की एक गैर-पात्र रिपोर्ट पर आधारित हैं।
कंपनी के संस्थापक एवं मुख्य कार्याधिकारी बैजूस रवींद्रन ने बिजनेस स्टैंडर्ड से बातचीत में कहा कि वित्त वर्ष 2021 के दौरान कारोबार में उल्लेखनीय वृद्धि हुई थी। उन्होंने कहा कि कारोबारी मॉडल में कोविड संबंधी बदलाव के कारण नए राजस्व को हिसाब-किताब में शामिल करने का यह पहला वर्ष था और इसलिए करीब 40 फीसदी राजस्व को टाल
दिया गया जबकि खर्च में कोई कमी नहीं की गई। रवींद्रन ने कहा, ‘वित्त वर्ष 2021 में खपत एवं संग्रह अवधि के दौरान हिसाब-किताब में बदलाव के कारण राजस्व के एक उल्लेखनीय हिस्से को टाल दिया गया था। यदि ऐसा नहीं होता तो वृद्धि 60 से 65 फीसदी होती। वित्त वर्ष 2021 में राजस्व के एक हिस्से को टाल दिया गया लेकिन खर्च को अंकेक्षण में शामिल कर लिया गया। इससे घाटे में बढ़ोतरी हुई।’
बैजूस ने साल के दौरान कई बड़े अधिग्रहण किए। कंपनी के बहीखाते में शामिल इन परिसंपत्तियों का प्रभाव दिखना अभी बाकी है। रवींद्रन ने कहा, ‘यह एक ऐसा वर्ष था जब कई बड़े अधिग्रहण किए गए जिनमें तेजी से उभर रहीं लेकिन घाटा दर्ज करने वाली कंपनियां शामिल थीं। इससे समेकित स्तर पर घाटे में वृद्धि हुई।’
वित्त वर्ष 2021 के लिए बैजूस के वित्तीय नतीजे मार्च 2021 में समाप्त कवरेज अवधि के करीब 18 महीने बाद जारी किए गए। इसलिए उसे गहन जांच और अटकलों से गुजरना पड़ रहा है।
रवींद्रन ने कहा, ‘नतीजे जारी होने में करीब 18 महीनों की देरी हुई और इसलिए सभी चिंतित थे। पिछले छह महीने मेरे लिए और इससे संबंधित हरेक व्यक्ति के लिए काफी कठिन रहे। अब वह दौर गुजर चुका है जो एक अच्छी खबर है।’
कंपनी ने अगले वर्ष यानी वित्त वर्ष 2021-22 के लिए गैर-अंकेक्षित नतीजे भी जारी किए हैं जिसमें करीब 10,000 करोड़ रुपये का सकल राजस्व दर्शाया गया है। उसका के-12 शिक्षा कारोबार लगातार वृद्धि दर्ज कर रहा है। कंपनी ने कहा कि अप्रैल से जुलाई 2022 के दौरान उसने 4,530 करोड़ रुपये का राजस्व दर्ज किया है।
वैश्विक महामारी के दौरान ऑनलाइन शिक्षा का चलन बढ़ने से बैजूस भारत सहित वैश्विक स्तर पर लगातार
अधिग्रहण कर रही है। उसके अधिग्रहण सौदों में पिछले साल आकाश एजुकेशनल सर्विसेज का 1 अरब डॉलर में अधिग्रहण और सिंगापुर की कंपनी ग्रेट लर्निंग की 60 करोड़ डॉलर में खरीदारी शामिल हैं। ग्रेट लर्निंग पेशेवर एवं उच्च शिक्षा क्षेत्र की अग्रणी वैश्विक कंपनी है। अन्य बड़े सौदों में पिछले साल अमेरिकी डिजिटल रीडिंग प्लेटफॉर्म एपिक का 50 करोड़ डॉलर में अधिग्रहण और 2020 में 30 करोड़ डॉलर के एक
सौदे के तहत मुंबई के कोडिंग स्टार्टअप व्हाइटहैट जूनियर का अधिगहण शामिल हैं। बैजूस ने कहा है कि पिछले साल विभिन्न श्रेणियों में किए गए अधिग्रहण में उल्लेखनीय वृद्धि दिखी है।