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पेप्सिको, यूनिलीवर, और डैनोन जैसी दिग्गज कंपनियां, जो भारत सहित दुनियाभर में विभिन्न प्रकार के प्रोडक्ट्स बेचती हैं, अब खराब क्वालिटी के उत्पाद बेचने के आरोपों का सामना कर रही हैं। ये आरोप एक्सेस टू न्यूट्रिशन इनिशिएटिव (ATNI) द्वारा जारी एक ताज़ा रिपोर्ट में लगाए गए हैं। रिपोर्ट के अनुसार, इन कंपनियों के प्रोडक्ट्स की गुणवत्ता निम्न आय वाले देशों में अपेक्षाकृत कम है, जबकि उच्च आय वाले देशों में इनकी हेल्थ स्टार रेटिंग कहीं बेहतर पाई गई है।
भारत में पेप्सिको, यूनिलीवर और डैनोन के प्रोडक्ट्स
भारत में पेप्सिको पेप्सी, सेवनअप, स्लाइस, स्टिंग, Lays चिप्स, और कुरकुरे जैसे प्रोडक्ट्स बेचता है। यूनिलीवर के प्रोडक्ट्स में हॉर्लिक्स, रेड लेवल चाय, क्लोजअप टूथपेस्ट, क्लिनिक प्लस शैंपू और ऑइल, और डव साबुन शामिल हैं। इसके साथ ही डैनोन बेबी फूड और प्रोटिनेक्स जैसे सप्लीमेंट भी उपलब्ध कराता है।
ATNI रिपोर्ट के मुख्य बिंदु
इकनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, ATNI की इस इंडेक्स में पाया गया है कि पेप्सिको, यूनिलीवर और डैनोन जैसी विदेशी फूड कंपनियां भारत, इथियोपिया, घाना, केन्या, नाइजीरिया, पाकिस्तान, फिलीपींस, तंजानिया और वियतनाम जैसे निम्न और निम्न मध्यम आय वाले देशों में अपेक्षाकृत कम हेल्दी प्रोडक्ट बेच रही हैं। इसके विपरीत, उच्च आय वाले देशों में इन प्रोडक्ट्स की हेल्थ स्टार रेटिंग बेहतर होती है।
उत्पाद गुणवत्ता पर सवाल
रिपोर्ट में उदाहरण देते हुए बताया गया है कि पेप्सिको यूरोपीय संघ के लिए न्यूट्री-स्कोर A/B रेटिंग वाले स्नैक्स प्रोडक्ट्स की बिक्री बढ़ाने का लक्ष्य रखता है, पर यह अन्य देशों में नहीं लागू होता। यूनिलीवर के प्रोडक्ट्स में क्वालिटी वॉल्स और मैग्नम आइसक्रीम जैसे स्नैक्स हैं, जबकि डैनोन भारत में प्रोटीनेक्स सप्लीमेंट और एप्टामिल शिशु फॉर्मूला बेचता है।
हेल्थ स्टार रेटिंग और स्कोर
ATNI इंडेक्स के अनुसार, हेल्थ स्टार रेटिंग सिस्टम के तहत प्रोडक्ट्स को 5 अंकों के स्केल पर उनकी स्वास्थ्य गुणवत्ता के आधार पर रेट किया जाता है। इसमें 3.5 से ऊपर का स्कोर स्वास्थ्यवर्धक माना जाता है। रिपोर्ट के अनुसार, निम्न आय वाले देशों में इन फूड कंपनियों के प्रोडक्ट्स को औसतन 1.8 अंक मिले, जबकि उच्च आय वाले देशों में यह स्कोर 2.3 पाया गया।