देश की प्रमुख दूरसंचार कंपनी भारती एयरटेल डिजिटल सिनेमा कारोबार में उतरने की संभावना तलाशने में जुटी है।
दरअसल, कंपनी तेजी से उभर रहे इस क्षेत्र में अपनी पैठ बनाना चाहती है। भारती एयरटेल के नवनियुक्त संयुक्त प्रबंध निदेशक और सीईओ मनोज कोहली का कहना है कि कंपनी थ्री-स्क्रीन योजना पर काम कर रही है, जिससे उपभोक्ताओं को अत्याधुनिक सुविधाएं मुहैया कराई जाएगी।
थ्री-स्क्रीन योजना के तहत उपभोक्ता फिल्म का मजा घर पर भारती के आईपीटीवी और डीटीएच पर ले सकेंगे, वहीं एयरटेल नेटवर्क पर मोबाइल फोन के जरिए और कंप्यूटर पर एयरटेल ब्रॉडब्रैंड सर्विस के जरिए भी इसका लुत्फ लिया जा सकेगा।
अगले चरण में कंपनी डिजिटल सिनेमा थिएटर में हाथ आजमाएगी। हालांकि कोहली ने इस बात का जिक्र नहीं किया कि वे थिएटर चेन शुरू करेंगे या किसी थिएटर को डिजिटल सहायता मुहैया कराने के लिए समझौता करेंगे। उन्होंने बताया कि कंपनी विभिन्न संचार माध्यमों पर विचार कर रही है,
लेकिन फिलहाल किसी निर्णय पर नहीं पहुंची है। हालांकि कोहली ने स्पष्ट किया कि कंपनी खुद कंटेंट निर्माण क्षेत्र में नहीं उतरेगी और न ही एयरटेल का कोई चैनल लाने की योजना है। डिजिटल सिनेमा को सर्वर पर स्टोर किया जाता है, जिससे उसका प्रिंट बनाने की जरूरत नहीं पड़ती है।
इसकी वजह से प्रोडक्शन हाउस की लागत काफी घट जाती है। जानकारों के मुताबिक, प्रिंट बनाने के मुकाबले डिजिटल प्रणाली में तकरीबन 20 फीसदी कम लागत आती है। इसके साथ ही डिजिटल सिनेमा से पाइरेसी का खतरा भी नहीं रहता है। इसके लिए सिनेमाघरों में सर्वर स्थापित करना पड़ता है, जहां फिल्म स्टोर करने के बाद डिजिटल प्रोजेक्टर से प्रदर्शित किया जा सकता है।
जानकारों के मुताबिक, सिनेमाघरों को केंद्रीय सर्वर से फिल्म वितरित भी की जा सकती है। हालांकि इसके लिए सिनेमाघरों को फाइबर ऑप्टिक लिंक से जुड़ा होना चाहिए। उदाहरण के तौर पर पीवीआर किसी एक फिल्म को देशभर के अपने थिएटरों में प्रदर्शित कर सकता है। बशर्ते वह ऑप्टिक फाइबर लिंक से जुड़ा हो।
जानकारी के मुताबिक, तकरीबन 10 फीसदी मल्टीप्लेक्स डिजिटल थिएटर में तब्दील हो चुके हैं। वहीं बॉलीवुड में फिल्मों का डिजिटल फॉर्मेट में निर्माण किया जा रहा है, जबकि हॉलीवुड में सभी फिल्में डिजिटल फॉर्मेट में ही तैयार होती हैं।
इससे पहले रिलायंस के अनिल अंबानी भी एडलैब्स नाम से थिएटर चला रहे हैं। ऐसे में भारती भी अपना राजस्व बढ़ाने के लिए तमाम विकल्पों पर विचार कर रही है।
दुनिया की कई दूरसंचार कंपनियां भी इस क्षेत्र में हाथ आजमा रही हैं। कोरियाई कंपनी एसके टेलिकॉम ने स्थानीय डिजिटल सिनेमा ऑपरेटर्स के साथ रणनीतिक साझेदारी की है, वहीं फ्रांस टेलिकॉम क्वेस्ट कम्युनिकेशंस के साथ हॉलीवुड के स्टूडियो को हाई-स्पीड कनेक्टिविटी मुहैया करा रही हैं।