सरकारी दूरसंचार कंपनी भारत संचार निगम लिमिटेड (बीएसएनएल) ने देश में अपने इंटरनेट प्रोटोकॉल टेलीविजन (आईपीटीवी) नेटवर्क के शुभारंभ के साथ कुल केबल टीवी उपभोक्ता आधार में तकरीबन एक-चौथाई इजाफा किए जाने का अहम लक्ष्य निर्धारित किया है।
फिलहाल देश में तकरीबन 8.2 करोड़ घरों तक केबल टीवी की पहुंच है।बीएसएनएल के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, ‘हमें उम्मीद है कि अगले साल मार्च तक आईपीटीवी उपभोक्ता आधार तकरीबन एक लाख हो जाएगा। हमें अपनी आईपीटीवी सेवाओं के लिए ग्राहकों से अच्छी प्रतिक्रिया मिली है।’
हाल ही में राजस्थान में अपनी आईपीटीवी सेवाएं शुरू करने वाली यह कंपनी चालू वित्त वर्ष के अंत तक 100 शहरों में अपनी आईपीटीवी सेवाएं पेश करना चाहती है। बीएसएनएल के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक कुलदीप गोयल ने कहा, ‘फिलहाल इन सेवाओं के लिए शुल्क 200 रुपये प्रति महीने है और मांग बढ़ने पर हम कई और फीचर्स इसमें पेश करेंगे।’
अधिकारी ने बताया, ‘हमने राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र, बेंगलुरु और कोलकाता जैसे क्षेत्रों में हल्की शुरुआत की है, लेकिन हमें इन क्षेत्रों से अच्छी प्रतिक्रिया मिली है। राजस्थान के जयपुर और जोधपुर में भी हमारी शुरुआत अच्छी रही है। इन दोनों शहरों में एक सप्ताह के अंदर तकरीबन 100 ग्राहक रोजाना हमारे नेटवर्क से जुड़े।’
199 रुपये में 130 चैनल मुहैया करा रही कंपनी का दावा है कि फिलहाल उसे इस सेवा से लाभ नहीं हो रहा है। गोयल ने कहा कि हालांकि एड-ऑन सुविधाओं की शुरुआत होने पर बीएसएनएल इस सेवा से राजस्व हासिल कर सकेगी। गोयल कहते हैं, ‘यह माध्यम ब्रॉडकास्टिंग की पारंपरिक प्रणालियों की तुलना में ज्यादा बेहतर है। यह सेवा उपभोक्ताओं को वीडियो के साथ-साथ टेलीविजन भी देखने का अवसर मुहैया कराती है।’
रिलायंस कम्युनिकेशंस और भारती एयरटेल भी इस साल के अंत तक अपनी आईपीटीवी सेवाएं शुरू किए जाने को उत्सुक हैं। जहां रिलायंस कम्युनिकेशंस अपनी डायरेक्ट-टु-होम सेवा पहले ही शुरू कर चुकी है वहीं भारती डीटीएच सेवा इस साल के अंदर शुरू होने की संभावना है। एक अनुमान के मुताबिक देश में 2011 तक आईपीटीवी ग्राहकों की संख्या तकरीबन 10 लाख हो जाने की संभावना है।