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वित्त वर्ष 23 की चौथी तिमाही में कारोबारी धारणा में आई तेजीः NCAER

Published by
शिवा राजोरा
Last Updated- April 24, 2023 | 10:42 PM IST

नैशनल काउंसिल आफ अप्लायड इकनॉमिक रिसर्च (NCAER) ने सोमवार को कहा है कि लगातार 3 तिमाही तक चली सुस्ती के बाद 31 मार्च को समाप्त वित्त वर्ष 23 की चौथी तिमाही में कारोबारी धारणा तेज रही है।

चौथी तिमाही में कारोबारी विश्वास सूचकांक (BCI) 149.7 रहा है, जो वित्त वर्ष 23 की तीसरी तिमाही के 126.6 की तुलना में ज्यादा है। आर्थिक थिंक टैंक की ओर से जारी कारोबारी उम्मीद सर्वे (BES) के ताजा आंकड़ों में कहा गया है कि इसके बावजूद अगले 6 महीनों के कारोबार को लेकर धारणा मिली जुली है।

वित्त वर्ष 22 की समान अवधि में सूचकांक 142.9 था। बीसीआई के स्तर में बढ़ोतरी से व्यापार जगत में बढ़ी उम्मीद और अर्थव्यवस्था के प्रदर्शन के बारे में पता चलता है।

124वें दौर के सर्वे में 500 फर्मों को शामिल किया गया है। यह सर्वे मार्च में नैशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) के सहयोग से कराया गया।

एनसीएईआर 1991 से हर तिमाही में BES करा रही है, जिसमें 4 क्षेत्रों की करीब 500 कंपनियां शामिल होती हैं।

सर्वे में आंकड़े जुटाने के लिए 4 घटकों का इस्तेमाल किया गया है। कुल मिलाकर फर्मों की आर्थिक स्थिति अगले 6 महीने में सुधरेगी, निवेश का मौजूदा माहौल सकारात्मक है, और मौजूदा क्षमता का इस्तेमाल हो रहा है या क्षमता का अधिक इस्तेमाल हो रहा है। दिए गए इन मानकों का सूचकांक में समान वेटेज है और तीसरी तिमाही की तुलना में चौथी तिमाही में सकारात्मक प्रतिक्रिया सभी चार मानकों में अधिक रही है।

अगले 6 महीने में उत्पादन, घरेलू बिक्री, कर पूर्व मुनाफा और नए ऑर्डर के मामले में चौथी तिमाही के सर्वे में स्थिति सुधरी है। वहीं निर्यात की उम्मीद, कच्चे माल के आयात और एक्स फैक्टरी मूल्य के मामले में यथास्थिति बरकरार है।

बहरहाल अगले 6 महीने में श्रम की स्थिति स्थिर नजर आती है। ज्यादातर फर्मों ने उम्मीद जताई है कि रोजगार की स्थिति में कोई बदलाव होने वाला नहीं है। इसके पहले ज्यादातर फर्मों ने कहा था कि विभिन्न तरह के कामगारों की स्थिति में पिछले 3 महीने में कोई बदलाव नहीं हुआ है। ज्यादातर फर्मों ने कहा है कि अकुशल श्रमिकों व कैजुअल/अस्थायी कर्मचारियों की भर्ती में कमी आई है।

वहीं फर्मों को उम्मीद है कि अगले 6 महीने में कुशल (39.7 प्रतिशत) और अकुशल (40 प्रतिशत) कामगारों के वेतन में बढ़ोतरी होगी, जो तीसरी और चौथी तिमाही में समान बना हुआ था।

इस माह की शुरुआत में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) और विश्व बैंक की वसंत ऋतु की बैठक दौरान कहा था कि वित्त वर्ष 23 की दिसंबर तिमाही में भारत की वृद्धि को गति मिली थी, जो चौथी तिमाही में भी बनी रहेगी। सीतारमण ने अर्थव्यवस्था के प्रमुख संकेतकों के परिणाम के आधार पर यह कहा था।

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सीतारमण ने कहा, ‘GST (वस्तु एवं सेवा कर) संग्रह मार्च 2024 में 1.4 लाख करोड़ रुपये (21.5 अरब डॉलर के करीब) को पार कर गया है, जो लगातार 12 महीने से उच्च स्तर पर है। कुल मिलाकर मांग की स्थिति बेहतर है और वृद्धि की रफ्तार टिकाऊ बनी हुई है। ट्रैक्टर और वाहन की बिक्री बढ़ी है। यूपीआई से लेनदेन ज्यादा है और कर्ज में वृद्धि दो अंकों में रही है। इससे भारत की अर्थव्यवस्था की वृद्धि की क्षमता की पुष्टि होती है, वैश्विक उत्पादन में कमी के बावजूद भारत में घरेलू मांग बनी हुई है।’

First Published : April 24, 2023 | 10:42 PM IST