आदित्य बिड़ला समूह के चेयरमैन कुमार मंगलम बिड़ला ने अल्ट्राटेक सीमेंट की ताजा सालाना रिपोर्ट में कहा है कि आवास और इन्फ्रास्ट्रक्चर पर बढ़ते खर्च की मदद से वित्त वर्ष 2025 तक भारतीय सीमेंट उद्योग करीब 8-10 करोड़ टन क्षमता जोड़ेगा। बिड़ला देश की सबसे बड़ी सीमेंट निर्माता अल्ट्राटेक के भी चेयरमैन हैं।
शेयरधारकों को संबोधित करते हुए 55 वर्षीय बिड़ला ने कहा कि कंपनी पूर्वी और मध्य हिस्सों समेत विभिन्न क्षेत्रों की सीमेंट संबंधित जरूरतें पूरी करने के लिए प्रतिबद्ध है और उसने बिहार, पश्चिम बंगाल तथा उत्तर प्रदेश में हाल में अपने परिचालन में नई क्षमताएं जोड़ी हैं।
पिछले महीने बोर्ड द्वारा 12,886 करोड़ रुपये के नए पूंजीगत खर्च को स्वीकृति दिए जाने के बाद समग्र स्तर पर, अल्ट्राटेक वित्त वर्ष 2025 तक करीब 2.25 करोड़ टन क्षमता जोड़ेगी।
पूंजीगत खर्च की घोषणा ऐसे समय में की गई थी, जब कंपनी ने मई में होल्सिम एजी से एसीसी और अंबुजा सीमेंट के अधिग्रहण के बाद इस क्षेत्र में
बढ़ती प्रतिस्पर्धा के लिए स्वयं को तैयार किया है।
इस अधिग्रहण ने अल्ट्राटेक के बाद घरेलू सीमेंट बाजार में अदाणी को दूसरे पायदान पर ला दिया। जहां देश में अल्ट्राटेक की सालाना क्षमता 12 करोड़ टन की है, वहीं अदाणी के लिए यह आंकड़ा 6 करोड़ टन है।
बिड़ला ने कहा कि अल्ट्राटेक द्वारा विस्तार के नए राउंड से उसकी क्षमता बढ़कर 15.925 करोड़ टन हो जाएगी, जिससे दुनिया में उसकी पहचान तीसरी सबसे बड़ी सीमेंट कंपनी के तौर पर मजबूत होगी।
बिड़ला ने कहा कि भारत और दुनिया में कंपनियों के लिए चुनौतियां रूस-यूक्रेन युद्ध से पैदा हो रही हैं। महामारी की वजह से लगाए गए लॉकडाउन की वजह से वैश्विक आपूर्ति पहले से ही बाधित हुई थी और अब यूक्रेन में युद्ध और आर्थिक प्रतिबंधों की वजह से नई चिंताएं पैदा हो गई हैं।