कॉफी डे ग्लोबल लिमिटेड (CDGL) और उसके वित्तीय ऋणदाता इंडसइंड बैंक (IndusInd bank) के बीच समझौता हो गया है। इस समझौता के बाद राष्ट्रीय कंपनी विधि अपीलीय न्यायाधिकरण (NCLAT) ने कंपनी के खिलाफ दिवाला आदेश को रद्द कर दिया है। यह कंपनी कॉफी चेन कैफे कॉफी डे (Cafe Coffee Day) का परिचालन करती है। CDGL और इंडसइंड बैंक के वकील ने बुधवार को NCLAT की चेन्नई पीठ को समझौते के बारे में सूचित किया और दिवाला मुकदमे को वापस लेने की अनुमति मांगी।
न्यायमूर्ति एम वेणुगोपाल और श्रीशा मेरला की दो सदस्यीय पीठ ने उनकी दलीलों को रिकॉर्ड पर लिया और CDGL को दिवालिया घोषित करने के आदेश को रद्द कर दिया। इससे पहले 11 अगस्त को NCLAT ने एक अंतरिम आदेश के जरिये राष्ट्रीय कंपनी विधि न्यायाधिकरण (NCLT) के CDGL के खिलाफ दिवालिया कार्यवाही शुरू करने के निर्देश पर रोक लगा दी थी।
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NCLT के इस आदेश को CDGL के निदेशक और दिवंगत वी जी सिद्धार्थ की पत्नी मालविका हेगड़े ने अपीलीय न्यायाधिकरण के समक्ष चुनौती दी थी। 20 जुलाई को NCLT की बेंगलूरु पीठ ने कंपनी के वित्तीय ऋणदाता इंडसइंड बैंक द्वारा 94 करोड़ रुपये के बकाया का दावा करने वाली याचिका पर यह आदेश पारित किया था। इसके अलावा NCLT ने कंपनी के निदेशक मंडल को निलंबित करते हुए शैलेन्द्र अजमेरा को अंतरिम समाधान पेशेवर भी नियुक्त किया था।
CDGL ने फरवरी, 2019 में 115 करोड़ रुपये के अल्पकालिक ऋण का अनुरोध किया था। मूल कंपनी कॉफी डे एंटरप्राइजेज लिमिटेड (CDEL) की वार्षिक रिपोर्ट के अनुसार, CDGL के पास 154 शहरों में 469 कैफे और 268 CCD वैल्यू एक्सप्रेस कियोस्क हैं। इसकी 48,788 वेंडिंग मशीनें हैं, जो ब्रांड के तहत कॉरपोरेट स्थलों और होटलों में कॉफी वितरित करती हैं।