येस बैंक और सैटेलाइट टीवी ब्रॉडकास्टर डिश टीवी इंडिया के प्रवर्तकों के बीच कानूनी लड़ाई अब सर्वोच्च न्यायालय में जाने के लिए तैयार है। सुभाष गोयल परिवार इस मामले में बंबई उच्च न्यायालय के उस आदेश के खिलाफ अपील करने की योजना बना रहा है जिसके कारण परिवार को शीर्ष प्रबंधन पदों से हाथ धोना पड़ा है।
सूत्रों का कहना है कि येस बैंक द्वारा किसी प्रतिस्पर्धी सैटेलाइट टीवी ब्रॉडकास्टर को अपनी हिस्सेदारी बेचने के लिए डिश टीवी में एक नया पुनर्गठित बोर्ड होना आवश्यक है। इस घटनाक्रम से जुड़े एक कानूनी सूत्र ने कहा, ‘बैंक कंपनी में अपनी 24.7 फीसदी हिस्सेदारी बेचना चाहता है लेकिन अधिग्रहणकर्ता बिना किसी पुराने कानूनी विवाद के हिस्सेदारी खरीदना चाहता है।’
येस बैंक ने डिश टीवी में अपनी हिस्सेदारी बेचने के लिए भारती एयरटेल से संपर्क किया है लेकिन डिश टीवी में 6 फीसदी हिस्सेदारी और बोर्ड में नियंत्रण रखने वाले गोयल परिवार के बीच मुकदमेबाजी के कारण येस बैंक इस सौदे में देरी कर रहा है। येस बैंक के अलावा अन्य बड़े शेयरधारक भी घाटे में चल रही इस कंपनी में अपनी हिस्सेदारी बेचना चाहते हैं। डिश टीवी का बाजार मूल्य शुक्रवार को 2,216 करोड़ रुपये था।
येस बैंक ने इस मुद्दे पर कोई टिप्पणी नहीं की। पिछले साल सितंबर में येस बैंक ने डिश टीवी को पूरे बोर्ड को बदलने और उसमें खुद के नामित निदेशकों शामिल कराने के लिए शेयरधारकों की बैठक बुलाने के लिए कहा था लेकिन बैंक के प्रस्ताव को शेयरधारकों के सामने नहीं रखा गया। बैंक ने 25 जून, 2021 को लिखे एक अन्य पत्र में अपने दो नामित व्यक्तियों- आकाश सूरी और संजय नांबियार- को डिश टीवी के बोर्ड में अतिरिक्त निदेशक के तौर पर शामिल करने की मांग की थी लेकिन डिश टीवी के बोर्ड ने बैंक के अनुरोध पर ध्यान नहीं दिया।
एक कॉरपोरेट वकील ने अपनी पहचान जाहिर न करने की शर्त पर कहा, ‘बंबई उच्च न्यायालय का फैसला डिश टीवी के खिलाफ होने के कारण मामले को स्पष्टता के लिए अब सर्वोच्च न्यायालय के जरिये सुलझाना होगा।’
शुक्रवार को डिश टीवी के प्रबंध निदेशक के तौर पर जवाहर गोयल को दोबारा नियुक्त किए जाने के प्रस्ताव के खिलाफ 78.9 फीसदी शेयरधारकों ने मतदान किया था। दूसरी ओर पूर्णकालिक निदेशक के तौर पर अनिल दुआ को दोबारा नियुक्त किए जाने के प्रस्ताव के खिलाफ महज 26.10 फीसदी शेयरधारकों ने मतदान किया।
दुआ बतौर सीईओ अपना पद बरकरार रखने में सफल रहे। जानकारों का कहना है कि ऐसे में डिश टीवी फिलहाल बिना प्रबंध निदेशक के काम कर सकती है। इसके अलावा, गोयल डिश टीवी के बोर्ड में गैर-कार्यकारी निदेशक के तौर पर बरकरार हैं। जानकारों का कहना है कि इससे बोर्ड के नतीजों और निर्णयों पर उनका कुछ प्रभाव जारी रह सकता है।
प्रॉक्सी सलाहकार फर्म इनगवर्न रिसर्च सर्विसेज के संस्थापक एवं प्रबंध निदेशक श्रीराम सुब्रमण्यन ने कहा, ‘अगला कदम एमडी पद के लिए किसी योग्य उम्मीदवार की तलाश करना होगा जो सभी शेयरधारकों को स्वीकार्य हों।’ येस बैंक और गोयल परिवार के बीच विवाद तब पैदा हुआ था जब पिछले साल इस डीटीएच ऑपरेटर ने राइट्स इश्यू के जरिये 1,000 करोड़ रुपये जुटाने की योजना बनाई थी। येस बैंक ने उस प्रस्ताव पर आपत्ति जताते हुए बोर्ड में गोयल के करीबी 5 निदेशकों को हटाने की मांग की थी।
इनमें से गोयल और अशोक कुरियन को दो अलग-अलग अवसरों पर क्रमशः एमडी और निदेशक के रूप में नए कार्यकाल से वंचित कर दिया गया है। गोयल के लिए प्रस्ताव पर सहमति शुक्रवार को असाधारण आम बैठक के दौरान नहीं बन पाई जबकि कुरियन के नए कार्यकाल के लिए अस्वीकृति पिछले साल दिसंबर में कंपनी की वार्षिक आम बैठक के दौरान हुई थी।
येस बैंक स्वतंत्र निदेशक रश्मि अग्रवाल, भगवान दास नारंग और शंकर अग्रवाल को बदलना चाहता है लेकिन फिलहाल वे कंपनी के निदेशक मंडल में बने रहेंगे। वे शुक्रवार को आयोजित आपातकालीन आम बैठक में भी मौजूद थे। शुक्रवार को आरसी वेंकटेश के नए कार्यकाल के लिए प्रस्ताव लाया गया था जो पारित नहीं हो सका। बैठक के दौरान उस प्रस्ताव को महज 26.7 फीसदी वोट मिले। इस बीच, येस बैंक ने आकाश सूरी, संजय नांबियार, विजय भट्ट, हरिप्रिया पद्मनाभन, गिरीश परांजपे, नारायण वासुदेव प्रभु तेंदुलकर और अरविंद नाचया मापंगडा को डिश टीवी के नए स्वतंत्र निदेशकों के रूप में नियुक्त करने की मांग की है। ये नियुक्तियां फिलहाल मुकदमेबाजी के कारण लंबित हैं।