चीनी से लेकर औद्योगिक फाइबर तक बनाने वाली प्रमुख कंपनियों में शुमार डीसीएम श्रीराम इंडस्ट्रीज लिमिटेड (डीएसआईएल) के नियंत्रण की लड़ाई ने एक नया ही मोड़ ले लिया है।
डीएसआईएल के प्रवर्तकों ने सेबी के आदेशों को चुनौती देने के लिए दिल्ली उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया है। सेबी ने डीएसआईएल की एचबी होल्डिंग्स के खिलाफ शिकायत याचिका को खारिज कर दिया है। डीएसआईएल ने एचबी होल्डिंग्स के खिलाफ शिकायत की थी की वह सेबी के खरीदे से जुड़े नियमों का खुली पेशकश के दौरान उल्लंघन कर रही है।
इस मामले से जुड़े सूत्रों का कहना है, ‘उच्च न्यायालय ने इस याचिका पर सुनवाई के लिए 29 अगस्त की तारीख मुकर्रर कर दी है। लेकिन इस बारे में उसकी ओर से अभी तक सेबी या एचबी स्टॉकहोल्डिंग्स के नाम कोई नोटिस जारी नहीं किया गया है।’ सेबी और एचबी स्टॉकहोल्डिंग्स इस याचिका की दिल्ली उच्च न्यायालय में वैधता पर ही सवाल खड़ा कर रही हैं।
जानकारों का कहना है डीएसआईएल को सेबी के आदेश के खिलाफ प्रतिभूति अपीलीय पंचाट (सैट) में जाना चाहिए था। 16 अक्टूबर, 2007 को डीएसआईएल मंडल ने एक बैठक में तरजीही आधार पर प्रवर्तकों समूह को 7 लाख वॉरंट इश्यू की अनुमति दे दी थी। हालांकि उस वक्त डीएसआईएल में 12.87 प्रतिशत हिस्सेदारी वाली हरीश भसीन की एचबी स्टॉकहोल्डिंग्स ने इश्यू का विरोध कंपनी लॉ बोर्ड में किया था।