बंबई उच्च न्यायालय ने आज डिश टीवी के प्रवर्तक समूह द्वारा दायर एक अंतरिमयाचिका को आज खारिज कर दिया। याचिका में येस बैंक को बतौर शेयरधारक मताधिकार का इस्तेमाल करने से रोकने की मांग की गई थी।
एस्सेल समूह की कंपनी डिश टीवी और येस बैंक के बीच कंपनी के मालिकाना मसले को लेकर विवाद चल रहा है। येस बैंक के पास इस डीटीएच कंपनी के करीब 44 करोड़ शेयर (लगभग 25 फीसदी हिस्सेदारी) मौजूद है और वह पिछले कुछ समय से प्रबंधन में बदलाव की मांग कर रहा है।
न्यायमूर्ति एके मेनन की अध्यक्षता में एकल पीठ अदालत ने तत्काल राहत के लिए वर्ल्ड क्रेस्ट एडवाइजर्स एलएलपी, डिश टीवी के प्रवर्तक समूह की कंपनी द्वारा येस बैंक के खिलाफ दायर याचिका को खारिज कर दिया। इससे कंपनी की आगामी आपातकालीन आम बैठक में येस बैंक द्वारा अपने मताधिकार का प्रयोग करने का रास्ता साफ हो गया है।
इससे कंपनी की आगामी आपातकालीन आम बैठक 24 जून को आयोजित होगी। इसमें कंपनी जवाहर गोयल, अनिल दुआ और आरसी वेंकटेश को क्रमश: प्रबंध निदेशक, पूर्णकालिक निदेशक और स्वतंत्र निदेशक के तौर पर दोबारा नियुक्त करने के लिए प्रस्ताव लाएगी।
येस बैंक ने दावा किया है कि उसने साल 2015 से 2018 के बीच एस्सेल समूह की 10 अलग-अलग कंपनियों को 5,270 करोड़ रुपये के ऋण दिए थे। ये ऋण समूह के प्रवर्तकों द्वारा गिरवी शेयरों के एवज में दिए गए थे।
ऋण का भुगतान न होने के कारण गिरवी शेयरों का स्वामित्व अब उसके पास है। इसमें डिश टीवी भी शामिल है जहां येस बैंक आज कंपनी की सबसे बड़ा शेयरधारक बन चुका है। दूसरी ओर, एस्सेल ग्रुप के चेयरमैन सुभाष चंद्रा ने मार्च में बिजनेस स्टैंडर्ड से एक खास बातचीत में कहा था कि प्रवर्तक समूह की कंपनियों पर बैंक का महज 4,200 करोड़ रुपये का बकाया है। उन्होंने कहा था कि इस विवाद से डिश टीवी के कारोबार और उसके हितधारकों को नुकसान हो रहा है।
चंद्रा ने यह भी कहा कि एस्सेल समूह इस विवाद को निपटाने के लिए विभिन्न विकल्पों पर विचार कर रहा है जिसमें बैंक के पास मौजूद शेयरों की पुनर्खरीद, डिश टीवी का एयरटेल और टाटा प्ले जैसी किसी प्रतिस्पर्धी कंपनी में विलय और विवाद को निपटने के लिए किसी मध्यस्थ को नियुक्त करना आदि शामिल है।
इसी संदर्भ में वर्ल्ड क्रेस्ट ने दिसंबर में बंबई उच्च न्यायालय से संपर्क किया था ताकि डिश टीवी के 44 करोड़ शेयरों के एवज में उन्हें कंपनी में स्वामित्व का दर्जा दिया जाए। येस बैंक ने डिश टीवी के निदेशक मंडल को पुनर्गठित करने की मांग के साथ नैशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (एनसीएलटी) का रुख किया था।