डिश टीवी की याचिका खारिज

Published by
बीएस संवाददाता
Last Updated- December 11, 2022 | 6:02 PM IST

बंबई उच्च न्यायालय ने डिश टीवी की एक प्रवर्तक इकाई द्वारा येस बैंक के खिलाफ दायर अपील को खारिज कर दिया। इसके साथ ही शुक्रवार को आयोजित कंपनी की असाधारण आम बैठक (ईजीएम) में येस बैंक द्वारा मतदान करने का मार्ग प्रशस्त हो गया है। येस बैंक इस डायरेक्ट-टू-होम (डीटीएच) सेवा कंपनी का सबसे बड़ा शेयरधारक है।
न्यायमूर्ति जीएस पटेल और न्यायमूर्ति एमजे जामदार की अध्यक्षता वाले पीठ ने कहा कि डिश टीवी के प्रवर्तक समूह की इकाई वर्ल्ड क्रेस्ट एडवाइजर्स की याचिका में येस बैंक के खिलाफ कोई मामला नहीं बनता है और इसलिए उसके द्वारा दायर अपील को खारिज किया जा रहा है।
पिछले सप्ताह बंबई उच्च न्यायालय के एकल पीठ द्वारा पारित उस आदेश के खिलाफ वर्ल्ड क्रेस्ट द्वारा अपील दायर की गई थी जिसके तहत येस बैंक को डिश टीवी की असाधारण आम बैठक में मतदान से रोकने के लिए उसके अंतरिम आवेदन को खारिज कर दिया गया था।
एस्सेल समूह की इकाई डिश टीवी अपनी इस असाधारण आम बैठक में जवाहर गोयल को प्रबंध निदेशक और अनिल दुआ को पूर्णकालिक निदेशक के तौर पर दोबारा नियुक्त करने की कोशिश करेगी। इसके अलावा वह आरसी वेंकटेश को भी पूर्णकालिक निदेशक के तौर पर नियुक्त करना चाहती है। कंपनी ने इस असाधारण आम बैठक के लिए 26 मई को जारी नोटिस में इन तीनों नियुक्तियों के लिए विशेष प्रस्ताव लाने की बात कही गई थी।
प्रॉक्सी सलाहकार फर्मों का कहना है कि डिश टीवी को इन तीनों प्रस्तावों को मंजूरी दिलाने के लिए शेयरधारकों के 75 फीसदी मतदान की जरूरत होगी। एक प्रॉक्सी सलाहकार फर्म इनगवर्न रिसर्च सर्विसेज के संस्थापक एवं प्रबंध निदेशक श्रीराम सुब्रमण्यन ने कहा, ‘डिश टीवी के लिए इन विशेष प्रस्ताओं को पारित करना काफी चुनौतीपूर्ण होगा क्योंकि कंपनी के प्रवर्तकों और येस बैंक के बीच विवाद चल रहा है।’
डिश टीवी में येस बैंक की 24.78 फीसदी हिस्सेदारी है जबकि डिश टीवी के प्रवर्तकों की हिस्सेदारी महज 5.93 फीसदी है। 31 मार्च 2022 को समाप्त तिमाही के दौरान कंपनी की शेयरधारिता पैटर्न से यह खुलासा होता है। यदि हम 30 दिसंबर 2021 को आयोजित कंपनी की वार्षिक आम बैठक के बाद मतदान नतीजों पर गौर करते हैं तो पता चलता है कि वार्षिक खातों को स्वीकार करने के खिलाफ 77.6 फीसदी वोट पड़े जबकि 78.9 फीसदी शेयरधारकों ने कंपनी के बोर्ड में अशोक कुरियन की दोबारा नियुक्त के खिलाफ मतदान किया था। इसी प्रकार 53.4 फीसदी शेयरधारकों ने वित्त वर्ष 2021-22 के लिए कॉस्ट ऑडिटरों के वेतन पैकेज के खिलाफ मतदान किया था।

First Published : June 24, 2022 | 12:29 AM IST