दमदार बुकिंग के बल पर डीएलएफ ने वित्त वर्ष 2022 की चौथी तिमाही को मजबूत प्रदर्शन के साथ अलविदा किया। तिमाही के दौरान बुकिंग एक साल पहले की समान अवधि के मुकाबले 158 फीसदी यानी करीब 2.6 गुना बढ़कर 2,700 करोड़ रुपये हो गया जबकि इसके लिए 2,000 रुपये का अनुमान जाहिर किया गया था।
दिल्ली में वन मिडडाउन परियोजना को लॉन्च किए जाने, सुपर लक्जरी कैमेलियाज परियोजना (गुडग़ांव) का आकर्षण बढऩे और विभिन्न जगहों पर प्लॉट एवं स्वतंत्र फ्लोर की बिक्री से समग्र बिक्री को बल मिला।
इसके अलावा देश की सबसे बड़ी सूचीबद्ध रियल एस्टेट कंपनी ने वित्त वर्ष 2022 में 7,273 करोड़ रुपये की बुकिंग दर्ज की जो सर्वकालिक ऊंचाई है। यह एक साल पहले की समान अवधि के मुकाबले 136 फीसदी अधिक है। साथ ही यह 6,000 से 6,500 करोड़ रुपये के अनुमान से कहीं अधिक है। वित्त वर्ष 2022 में 60 लाख वर्ग फुट पर नए लॉन्च की कुल बिक्री में करीब दो-तिहाई हिस्सेदारी रही जबकि कैमेलियाज परियोजना की हिस्सेदारी करीब एक तिहाई रही।
जेएम फाइनैंशियल के मनीष अग्रवाल ने कहा कि डीएलएफ के मामले स्थिर मांग और जबरदस्त आपूर्ति दिख रही है। इससे रिहायशी परियोजनाओं की बिक्री में उछाल आया है। उन्होंने कहा कि विभिन्न क्षेत्रों और टिकट साइज के तहत कीमत (उद्योग के औसत से काफी अधिक) बढ़ाने में भी समर्थ है क्योंकि वह बाजार की अग्रणी कंपनी है।
वृद्धि में आई तेजी फिलहाल बरकरार रहेगी क्योंकि अगले कुछ वर्षों के लिए संभावित नई परियोजनाओं को लॉन्च करने की जबरदस्त तैयारी दिख रही है। डीएलएफ वित्त वर्ष 2023 में कुल मिलाकर 76 लाख वर्ग फुट की परियोजनाएं लॉन्च करने की योजना बना रही है। इसी प्रकार वित्त वर्ष 2024 में वह करीब 92 लाख वर्ग फुट की परियोजनाएं लॉन्च करेगी।
रिहायशी परियोजनाओं के तहत बिक्री में तेजी और संग्रह में वृद्धि (चौथी तिमाही में 1,290 करोड़ रुपये) के कारण नकदी प्रवाह में मजबूत वृद्धि दर्ज की गई जो वित्त वर्ष 2022 में सालाना आधार पर 85 फीसदी बढ़कर 4,650 करोड़ रुपये हो गया। इसे काफी हद तक रिहायशी श्रेणी से बल मिला। निर्माण लागत एवं अन्य खर्च को ध्यान में रखते हुए शुद्ध नकदी प्रवाह 540 करोड़ रुपये रहा। इससे कंपनी को अपना शुद्ध ऋण बोझ घटाने में मदद मिली। कंपनी का शुद्ध ऋण बोझ वित्त वर्ष 2022 में घटकर 2,680 करोड़ रुपये रह गया जो एक साल पहले 4,900 करोड़ रुपये रहा था।
हालांकि पिछले कुछ वर्षों के दौरान रिहायशी श्रेणी कंपनी के लिए मुख्य कारोबार रही है लेकिन किराया श्रेणी में भी धीरे-धीरे सुधार हो रहा है। चौथी तिमाही के दौरान पट्टा श्रेणी में स्थिरता दिखी और इस श्रेणी की ऑक्यूपेंसी क्रमिक आधार पर 200 आधार अंकों की वृद्धि के साथ 88 फीसदी हो गई। मॉल में लोगों की आवक/खपत में भी सुधार दिख रहा है।
कंपनी ने उम्मीद जताई है कि चालू वित्त वर्ष के दौरान पट्टा श्रेणी में तेजी आएगी और वित्त वर्ष 2023 की पहली छमाही में ऑक्यूपेंसी 90 फीसदी के पार पहुंच जाएगी। पट्टा इकाई ने वित्त वर्ष 2022 में 3,330 करोड़ रुपये का परिचालन मुनाफा दर्ज किया।
आईसीआईसीआई सिक्योरिटीज के अधिदेव चट्टोपाध्याय ने उम्मीद जताई कि किराया कारोबार का परिचालन मुनाफा वित्त वर्ष 2023 में 4,130 करोड़ रुपये और वित्त वर्ष 2024 में 4,420 करोड़ रुपये रहने के आसार हैं।
डीएलएफ का कर्ज 45 फीसदी घटा
रियल एस्टेट कंपनी डीएलएफ का शुद्ध कर्ज बीते वित्त वर्ष 2021-22 में 45 फीसदी घटकर 2,680 करोड़ रुपये रह गया। कंपनी ने यह जानकारी देते हुए कहा कि आवासीय संपत्तियों की बेहतर बिक्री से उसका नकदी का प्रवाह बढ़ा है, जिससे उसे कर्ज के बोझ को कम करने में मदद मिली है। निवेशकों के समक्ष प्रस्तुतीकरण में डीएलएफ ने कहा कि 31 मार्च, 2022 के अंत तक उसका शुद्ध कर्ज 2,680 करोड़ रुपये था। एक साल पहले यानी 2020-21 के अंत तक यह आंकड़ा 4,885 करोड़ रुपये रहा था। डीएलएफ ने कहा है कि वह मध्यम अवधि में अपने कर्ज के बोझ को और नीचे लाने पर प्रतिबद्ध है। भाषा