रिलायंस रिटेल संग गैप की फिर दस्तक

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बीएस संवाददाता
Last Updated- December 11, 2022 | 5:45 PM IST

रिलायंस रिटेल ने गैप ब्रांड को भारत लाने के लिए गैप इंक के साथ दीर्घावधि फ्रैंचाइजी करार किया है। इसके साथ ही अमेरिकी फैशन ब्रांड दोबारा भारतीय बाजार में प्रवेश करेगी। साल 2020 में उसने अरविंद फैशंस के साथ अपनी राह अलग कर ली थी।
रिलायंस रिटेलर भारत में सभी चैनलों में इस फैशन हाउस के लिए आधिकारिक रिटेलर बन गई है। मुकेश अंबानी के नेतृत्व वाली इस रिटेल कंपनी के पास मिलेजुले एक्सक्लूसिव ब्रांड स्टोर, मल्टीब्रांड स्टोर एक्सप्रेशंस और डिजिटल कॉमर्स प्लेटफॉर्म होंगे।
रिलायंस रिटेल ने एक विज्ञप्ति में कहा है, ‘इस साझेदारी का उद्देश्य अग्रणी कैजुअल लाइफस्टाइल ब्रांड के तौर पर गैस की स्थिति और ओमनी चैनल रिटेल नेटवर्क के परिचालन में रिलायंस रिटेल की दक्षता का फायदा उठाते हुए स्थानीय विनिर्माण एवं सोर्सिंग कुशलताओं को बढ़ावा देना है।’
साल 2014 में गैप ने अरविंद फैशंस के साथ फ्रैंचाइजी करार के जरिये भारत में दस्तक दी थी।
रिलायंस रिटेल के सीईओ (फैशन एवं लाइफस्टाइल) अखिलेश प्रसाद ने कहा, ‘रिलायंस रिटेल में हमें ग्राहकों के लिए नवीनतम और बेहतरीन लाने के लिए गर्व है। हमें यह बताते हुए खुशी हो रही है कि प्रतिष्ठित अमेरिकी ब्रांड गैप हमारे फैशन एवं लाइफस्टाइल पोर्टफोलियो में शामिल हो रहा है। हमारा मानना है कि उद्योग में अग्रणी फैशन उत्पाद लाने और ग्राहकों को बेहतरीन खुदरा अनुभव प्रदान करने के लिए रिलायंस और गैप एक-दूसरे के पूरक हैं।’
गैप इंक के एमडी (अंतरराष्ट्रीय, वैश्विक लाइसेंसिंग एवं थोक कारोबार) एड्रिएन गेर्नैंड ने का कि कंपनी प्रमुख अंतरराष्ट्रीय बाजारों में गैस के कारोबार को रफ्तार देने के लिए तत्पर है।
सिंजीन और बायोइनोवेट के बीच करार टूटासोहिनी दास और सुरजीत दास गुप्ता मुंबई/नई दिल्ली

केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (सीडीएससीओ) और बायोकॉन बायोलॉजिक्स के बीच विवाद के बीच बायोकॉन समूह की एक अन्य कंपनी सिंजीन इंटरनैशनल ने बायोइनोवेट रिसर्च सर्विसेज से अपनी दूरी बना ली है क्योंकि रिश्वत मामले में बायोइनोवेट के प्रवर्तक का भी उल्लेख किया गया है। कंपनी ने हाल में बायोइनोबेट के साथ अपने सलाहकार अनुबंध को खत्म कर दिया।
सिंजीन इंटरनैशनल एक अनुसंधान, विकास एवं विनिर्माण कंपनी है जो वैश्विक फार्मास्युटिकल, बायोटेक आदि ग्राहकों को अपनी सेवाएं प्रदान करती है। उसने बायोइनोवेट के साथ अपना अनुबंध खत्म कर दिया है।
बायोइनोवेट रिसर्च सर्विसेज के गुलजीत सेठी (उर्फ गुलजीत चौधरी) को बायोकॉन के रिश्वत मामले में सीबीआई द्वारा गिरफ्तार किया गया है। उस रिश्वत मामले में संयुक्त औषधि नियंत्रक ईश्वर रेड्डी, सिनर्जी नेटवर्क के निदेशक दिनेश दुआ और बायोकॉन बायोलॉजिक्स के सहायक उपाध्यक्ष एवं प्रमुख (राष्ट्रीय नियामकीय मामले) एल प्रवीण कुमार का नाम सामने आया है। सीबीआई ने अपनी एफआईआर में कहा है कि दुआ और सेठी ने दवा कंपनी की ओर से प्रतिनिधि के तौर पर काम किया।
सेठी बायोइनोवेट रिसर्च के मालिक हैं और उनके लिंक्डइन प्रोफाइल से पता चलता है कि बायोइनोवेट फार्मास्युटिकल दवा विकास क्षेत्र में ज्ञान संसाधन वाली कंपनी है। वह वास्तविक क्लीनिकल नतीजे देने वाली वैश्विक एवं स्थानीय बायोफार्मास्युटिकल कंपनियों, अनुबंध आधारित अनुसंधान कंपनियों आदि को अपनी सेवाएं प्रदान करती है।
सिंजीन इंटरनैशनल के प्रवक्ता ने इस खबर की पुष्टि करते हुए कहा, ‘बायोइनोवेट को फार्मा उद्योग में अग्रणी सलाहकार सेवा प्रदाता के तौर पर जाना जाता है और अन्य तमाम कंपनियों की तरह सिंजीन ने भी उसके साथ सलाहकार अनुबंध किया था।’
प्रवक्ता ने कहा कि सिंजीन के पास कोई उत्पाद नहीं है और वह किसी अन्य कंपनी के उत्पादों की मार्केटिंग भी नहीं करती है। इसलिए उसका कारोबारी मॉडल बायोकॉन बायोलॉजिक्स के मुकाबले अलग है।

First Published : July 7, 2022 | 1:07 AM IST