दुनिया की सबसे बड़ी वाहन निर्माता कंपनी जनरल मोटर्स कॉर्पोरेशन को उसका ही मशहूर ब्रांड हमर अब खलने लगा है और वह जल्द से जल्द इस ब्रांड से छुटकारा पाना चाहती है।
हमर की बिक्री के लिए कंपनी की कई पक्षों से बात चल रही है और वह साल भर से भी कम समय में इस ब्रांड को बेचने की कोशिश कर रही है। जनरल मोटर्स के अध्यक्ष और मुख्य परिचालन अधिकारी फ्रित्ज ए हेंडरसन ने बिजनेस स्टैंडर्ड से कहा कि हमर किसी समय उनकी कंपनी की पहचान रहा है, लेकिन अब उन्हें इस ब्रांड से मुनाफा नहीं दिख रहा है।
उन्होंने कहा कि लागत कम करने के लिए ऐसे ब्रांड को बेच देना कंपनी की मजबूरी है और इस मामले में किसी तरह का समझौता नहीं किया जा सकता। हेंडरसन ने कहा, ‘बेशक कुछ समय पहले तक हमर हमारे लिए अच्छा था, लेकिन अब यह मुनाफे का सौदा नहीं रहा। इसकी वजह से हमें केवल लागत का बोझ उठाना पड़ रहा है और बदले में कुछ हासिल नहीं हो रहा। इसलिए हमने इसे बेचने के लिए बातचीत शुरू कर दी है।’
गौरतलब है कि हमर के खरीदार के तौर पर कुछ समय पहले भारत की दिग्गज वाहन निर्माता महिंद्रा ऐंड महिंद्रा का नाम भी उभरा था। लेकिन हेंडरसन ने यह बताने से इनकार कर दिया कि किन कंपनियों से उनकी बात चल रही है। उन्होंने यह जरूर कहा कि लागत घटाने की कंपनी की रणनीति के तहत ही हमर को बेचा जा रहा है।
उन्होंने कहा, ‘इस साल जनरल मोटर्स ने लगभग 1,500 करोड़ डॉलर की बचत करने का फैसला किया है। इसमें से 1,000 करोड़ डॉलर वेतन में कटौती, कर्मचारियों में कटौती, भत्तों में कटौती और अन्य तरीकों से बचाए जा रहे हैं। हमर और दूसरी संपत्तियों की बिक्री से हमें 500 करोड़ डॉलर मिलने की उम्मीद है।’