दुनिया की सबसे बड़ी ऑटोमोबाइल निर्माता कंपनी जनरल मोटर्स (जीएम) ने महाराष्ट्र सरकार के साथ पुणे के नजदीक अपनी पावरट्रेन (इंजन, गीयरबॉक्स, ट्रांसमिशन)तालेगांव परियोजना में लगभग 840 करोड़ रुपये निवेश करने के लिए एक समझौता पत्र पर हस्ताक्षर किए हैं।
सालाना 1.60 लाख इंजन की उत्पादन क्षमता वाला तालेगांव पावरट्रेन संयंत्र उम्मीद है कि 2010 की पहली तिमाही तक शुरू हो जाएगी। इस मौके पर राज्य के उद्योग सचिव अजीज खान का कहना है कि 840 करोड़ रुपये निवेश वाले इस संयंत्र के साथ जीएम का तालेगांव में कुल निवेश तकरीबन 2,100 करोड़ रुपये हो जाएगा और हमें उम्मीद है कि अगले सात साल में यह बढ़कर तकरीबन 3,360 करोड़ रुपये हो जाएगा।
खान का कहना है कि जीएम के महाराष्ट्र में अपने केन्द्रों के विस्तार के फैसले से पता चलता है कि भारत में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश के लिए महाराष्ट्र उभर कर सामने आ रहा है। उन्होंने बताया कि लगभग दो साल पहले जीएम ने अपनी कारों के संयंत्र के लिए हमारे साथ समझौता पत्र पर हस्ताक्षर किए थे और 2 सितंबर को इसका उद्धाटन होने वाला है, जो दिखाता है कि हम सिर्फ समझौता पत्रों पर ही हस्ताक्षर नहीं करते, इस बात का भी ध्यान रखते हैं कि महाराष्ट्र में आने वाली परियोजनाए बिना किसी बाधा के पूरी हो जाएं।
इस मौके पर जीएम के भारत में अध्यक्ष कार्ल स्लिम का कहना है, ‘पावरट्रेन संयंत्र में लगभग 840 करोड़ रुपये के निवेश के साथ जीएम का देश में कुल निवेश बढ़कर तकरीबन 4200 करोड़ रुपये हो जाएगा और इससे हमारा विकासशील बाजारों जैसे भारत में विश्वास का पता चलता है।’
उन्होंने कहा कि इंजन उत्पादन संयंत्र से प्रत्यक्ष रूप से 1,400 लोगों को नौकरी मिलेगी और ऑटोमोबाइल उद्योग में 1 नौकरी से 20 लोगों को परोक्ष रूप से काम मिलता है। सिल्म का कहना है, कि तालेगांव में बनने वाला पावरट्रेन संयंत्र में कंपनी पहली पहली बार ऐसी असेंबली लाइन का निर्माण कर रही है, जिससे पेट्रोल और डीजल इंजन दोनों का उत्पादन किया जाएगा।
जीएम की नई कार 2009 मेंजनरल मोटर्स भारत में अपनी नई छोटी कार 2009 की दूसरी छमाही में उतारने की योजना बना रही है, लेकिन कंपनी का टाटा मोटर्स की किफायती कार नैनो से टक्कर लेनी की कोई मंशा नहीं है। कंपनी की नजर मारुति 800 और ऑल्टो जैसी कार श्रेणी पर है।
कार्ल स्लिम ने कहा कि यह वैश्विक कार होगी जो सबसे प्राथमिक तौर पर उभरते हुए बाजारों के लिए होगी और इसकी डिजाइनिंग भारत में ही की जाएगी। भारत में यात्री कारों की संख्या 2010 तक 20 लाख यूनिट होने की उम्मीद है, जिसमें से छोटी कारों की संख्या दो-तिहाई से भी अधिक होगी।
2009 में जीएम छोटी कारों की श्रेणी में कुछ नए मॉडल पेश करेगी
जीएम हाईब्रिड कारों पर प्रयोग कर रही है, जो जैव ईंधन या सौर ऊर्जा से चलेंगी