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Go First Case: दिल्ली हाईकोर्ट ने DGCA को दिया निर्देश, कहा- विमान पंजीकरण रद्द करने के आवेदनों पर तुरंत हो कार्रवाई

अदालत ने कहा, ‘डीजीसीए तुरंत तथा पांच कामकाजी दिन के भीतर 54 विमानों के पंजीकरण रद्द करने संबंधी आवेदनों पर कार्रवाई करेगा।’

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भाषा   
Last Updated- April 26, 2024 | 6:57 PM IST

दिल्ली उच्च न्यायालय ने नागर विमानन महानिदेशालय (DGCA) को 54 विमानों का पंजीकरण रद्द करने के पट्टेदारों के आवेदनों पर तुरंत कार्रवाई करने का शुक्रवार को निर्देश दिया। विमान पट्टे पर दे रखी कंपनियों ने संकट ग्रस्त एयरलाइन गो फर्स्ट से विमान वापस लेने की कवायद में यह आवेदन किया है।

उच्च न्यायालय ने कहा कि प्रक्रिया पांच कामकाजी दिन या उससे कम समय में पूरी की जाएगी। न्यायमूर्ति तारा वितस्ता गंजू ने एयरलाइन और उसके निदेशकों के प्रबंधन के लिए दिवाला कानून के तहत नियुक्त समाधान पेशेवर (RP) को विमानों या कलपुर्जों, दस्तावेजों, रिकॉर्ड और किसी भी अन्य सामग्री को ले जाने या कहीं रखने से भी रोक दिया।

अदालत ने कहा, ‘DGCA तुरंत तथा पांच कामकाजी दिन के भीतर 54 विमानों के पंजीकरण रद्द करने संबंधी आवेदनों पर कार्रवाई करेगा।’

उच्च न्यायालय ने कहा कि DGCA, AAI (भारतीय हवाईअड्डा प्राधिकरण) और उसके अधिकृत प्रतिनिधि याचिकाकर्ता पट्टेदारों की सहायता करेंगे और उन्हें हवाई अड्डों तक पहुंच प्रदान करेंगे।

अदालत ने कहा कि पट्टेदारों को लागू नियमों और कानूनों के तहत विमान निर्यात करने की अनुमति है। गौरतलब है कि गो फर्स्ट ने तीन मई 2023 से अपनी विमान सेवाएं रोक दी थीं।

First Published : April 26, 2024 | 6:57 PM IST (बिजनेस स्टैंडर्ड के स्टाफ ने इस रिपोर्ट की हेडलाइन और फोटो ही बदली है, बाकी खबर एक साझा समाचार स्रोत से बिना किसी बदलाव के प्रकाशित हुई है।)