गूगल का थर्ड पार्टी इन-ऐप बिलिंग का प्रायोगिक परीक्षण

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बीएस संवाददाता
Last Updated- December 11, 2022 | 4:01 PM IST

गूगल ने आज घोषणा की कि एक थर्ड पार्टी ‘इन ऐ​प्लिेकेशन’ (ऐप) बिलिंग प्रणाली का प्रायोगिक परीक्षण भारत और चार अन्य बाजारों- ऑस्ट्रेलिया, इंडोनेशिया, जापान और यूरोपीय आर्थिक क्षेत्र में किया जाएगा। इससे गेमिंग से इतर डेवलपर उपयोगकर्ताओं को गूगल प्ले के साथ ही एक वैकल्पिक बिल प्रणाली मुहैया करा सकेंगे। 

दुनिया भर में सभी नॉन गेमिंग डेवलपर इस प्रायोगिक परीक्षण में हिस्सा लेने के लिए साइन-अप कर सकते हैं और यह विकल्प इन बाजारों में अपने मोबाइल और टैबलेट उपयोगकर्ताओं को मुहैया करा सकते हैं। यूजर्स के पास प्ले की बिलिंग प्रणाली पहले की तरह बनी रहेगी। गूगल के मुताबिक ऐंड्रॉयड और प्ले में निवेश को सहारा देने के लिए एक वाजिब सेवा शुल्क बरकरार रहेगा। हालांकि वाजिब सेवा शुल्क कितना होगा, इसे लेकर कोई खुलासा नहीं किया गया है। 

गूगल ने मार्च में कहा था कि वह नए प्रायोगिक परीक्षण कार्यक्रम के तहत अपने ऐंड्रॉयड ऐप में स्पॉटीफाई को खुद की भुगतान प्रणाली इस्तेमाल करने की मंजूरी देगी। पिछले साल दक्षिण कोरिया में एक नया कानून पारित होने के बाद गूगल ने कहा था कि वह डेवलपरों को उस बाजार में अपनी भुगतान प्रणाली के अलावा थर्ड पार्टी भुगतान प्रणाली शुरू करने की मंजूरी देगी।  अब भारत में गेम से इतर डेवलपरों के पास उपयोगकर्ताओं को थर्ड पार्टी बिलिंग प्रणाली मुहैया कराने का विकल्प होगा। भारत में डेवलपर लंबे समय से गूगल प्ले को थर्ड पार्टी बिलिंग का विकल्प देने की मांग कर रहे हैं। 

गूगल के एक प्रवक्ता ने कहा, ‘ऐड्रॉयड हमेशा से एक अनोखा ओपन ऑपरेटिंग सिस्टम रहा है। हम लगातार अपना प्लेटफॉर्म विकसित कर रहे हैं और डेवलपरों एवं उपयोगकर्ताओं के लिए उपलब्ध विकल्पों को बढ़ा रहे हैं। साथ ही इस प्रणाली में निवेश की अपनी क्षमता को बनाए हुए हैं। गूगल प्ले के उपयोगकर्ता पसंद बिलिंग के प्रायोगिक पीरक्षण के इस अगले चरण से सभी नॉन-गेमिंग डेवलपर ऑस्ट्रेलिया, जापान, भारत, इंडोनेशिया और यूरोपीय आर्थिक संघ में अपने उपयोगकर्ताओं को प्ले की बिलिंग प्रणाली के अलावा एक अतिरिक्त बिलिंग विकल्प मुहैया करा सकते हैं। हम आगामी महीनों में ज्यादा जानकारी साझा करेंगे क्योंकि हम अपने प्रायोगिक परीक्षण साझेदार बना रहे हैं।’

यह घोषणा ऐसे समय की गई है, जब गूगल को अपने ऐपस्टोर भुगतान ढांचे की भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग द्वारा जांच का सामना करना पड़ रहा है। वैश्विक स्तर पर गूगल और ऐपल को अपनी ऐपस्टोर गतिविधियों को लेकर नियामकों की तपिश झेलनी पड़ रही है। इस कदम के बाद गूगल का दावा है कि उसका प्ले पहला और एकमात्र प्रमुख ऐपस्टोर है, जो उपयोगकर्ता की पसंद की बिलिंग पर प्रायोगिक परीक्षण कर रहा है। पिछले दो साल के दौरान गूगल ने सभी एक एक कीमत फॉर्मूले से दूरी बनाई है। आज 99 फीसदी डेवलपर को 15 फीसदी या उससे कम सेवा शुल्क चुकाना होता है। 

गूगल पहले ही पहले 10 लाख डॉलर राजस्व वाले डेवलपरों के लिए कमीशन 15 फीसदी से घटाकर 30 फीसदी कर चुकी है। गूगल ने ऐपल को देखकर यह कदम उठाया है।

First Published : September 2, 2022 | 9:41 PM IST