Google ने अदाणी ग्रुप से किराए पर ली जमीन, 11 करोड़ रुपये महीना है रेंट

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बीएस संवाददाता
Last Updated- December 11, 2022 | 1:48 PM IST

अदाणी एंटरप्राइजेज (Adani Enterprises) ने नोएडा में अपने डेटा सेंटर में गूगल (Google) की एक इकाई रैडेन इंफोटेक (Raiden Infotech) को 11 करोड़ रुपये मासिक किराए पर 4.64 लाख वर्ग फुट जगह किराये पर दी है। यह जानकारी सीआरई मैट्रिक्स (CRE Matrix) ने दी है।
10 साल के लिए किराये पर ली जमीन

डेटा एनालिटिक्स फर्म द्वारा देखे गए दस्तावेजों से पता चला है कि डीसी डेवलपमेंट नोएडा लिमिटेड ने नोएडा के सेक्टर -62 में अदाणी डेटा सेंटर में 10 साल की अवधि के लिए 4,64,460 वर्ग फुट जगह किराये पर ली है। डीसी डेवलपमेंट नोएडा लिमिटेड अदाणी एंटरप्राइजेज लिमिटेड का ही एक भाग है।  

किराया 235 रुपये प्रति वर्ग फुट प्रति माह है। शुरुआती सालाना किराया 130.89 करोड़ रुपये है और हर साल किराये में 1 फीसदी की बढ़ोतरी होगी। दस्तावेजों से पता चलता है कि लीज एग्रीमेंट पर हस्ताक्षर पिछले महीने  किए गए थे। हालांकि अदाणी समूह की प्रमुख फर्म अदाणी इंटरप्राइजेज और गूगल ने ई-मेल से पूछे गए सवालों का कोई जवाब नहीं दिया।
डेटा सेंटर विकसित और संचालित करना चाहती है- अदाणी एंटरप्राइजेज

फरवरी 2021 में अदाणी एंटरप्राइजेज ने पूरे भारत में डेटा सेंटर विकसित और संचालित करने के लिए प्रमुख वैश्विक डेटा सेंटर ऑपरेटर एजकॉनेक्स के साथ एक समान संयुक्त उद्यम का गठन किया था। शुरुआत में संयुक्त उद्यम ने चेन्नई, नवी मुंबई, नोएडा, विशाखापत्तनम और हैदराबाद से शुरू होकर भारत में हाइपरस्केल डेटा केंद्रों का एक नेटवर्क बनाने की घोषणा की थी।

जुलाई 2021 में नोएडा प्राधिकरण ने लगभग 2,400 करोड़ रुपये के निवेश के साथ एक डेटा सेंटर स्थापित करने के लिए अदाणी एंटरप्राइजेज को सेक्टर 62 में 34,275 वर्ग मीटर भूमि आवंटित की थी। अदाणी एंटरप्राइजेज लिमिटेड ने पिछले साल नवंबर में डीसी डेवलपमेंट नोएडा प्राइवेट लिमिटेड में अपनी 100 प्रतिशत हिस्सेदारी अदाणी कोनेक्स प्राइवेट लिमिटेड को बेच दी थी, जो अदाणी एंटरप्राइजेज और एजकॉनेक्स के बीच एक समान संयुक्त उद्यम है।
भारत में बढ़ रही डेटा केंद्रों की मांग

पिछले महीने रियल एस्टेट सलाहकार CBRE ने ‘भारत में डेटा केंद्र: एक डेटा-उच्च युग में रियल एस्टेट को मजबूत करना’ के नाम से एक रिपोर्ट जारी की थी। इस रिपोर्ट में कहा गया कि बढ़ते डिजिटलीकरण और नीतिगत प्रोत्साहन के कारण भारत में डेटा केंद्रों की मांग में वृद्धि हुई है। रिपोर्ट में उल्लेख किया गया कि कोरोना महामारी ने प्रौद्योगिकी को अपनाने में तेजी लाई है और डेटा उपयोग में काफी वृद्धि हुई है। 

CBRE के अनुसार भारत के डेटा सेंटर बाजार में पिछले पांच वर्षों में 14 अरब अमेरिकी डॉलर का निवेश किया गया है, और संचयी फंडिंग 2025 तक 20 अरब अमेरिकी डॉलर को पार कर सकती है क्योंकि निवेशक स्थिर आय के साथ संपत्ति की तलाश करते हैं।
 

First Published : October 12, 2022 | 4:29 PM IST