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फार्मा सेक्टर की अनैतिक मार्केटिंग नीतियों को रोकने के लिए सरकार लाई गाइडलाइन, तोहफों और फ्री सैंपल पर लगेगी लगाम

Guidelines For pharma sector: फार्मा कंपनियों या उनके प्रतिनिधि हेल्थकेयर प्रोफेश्नल या उनके परिवार के सदस्यों को देश में या बाहर घूमने की सुविधाएं ऑफर नहीं कर सकते।

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बीएस वेब टीम   
Last Updated- March 13, 2024 | 8:40 AM IST

फार्मा सेक्टर में दवाओं और फार्मा प्रोडक्ट्स की सेल बढ़ाने के लिए कई कंपनियां डॉक्टरों और हेल्थकेयर से जुड़े लोगों को गिफ्ट और अन्य सुविधाएं तोहफे के रूप में देती आ रही थी। सरकार ने अब इस तरह की मार्केट प्रैक्टिस पर सख्ती दिखाते हुए, इस पर रोक लगा दी है।

सरकार ने मंगलवार को फार्मा मार्केटिंग प्रैक्टिस को लेकर यूनिफॉर्म कोड यानि UCPMP 2024 को नोटिफाई कर दिया है। इस कोड में मार्केटिंग से जुड़ी गतिविधियों के मद्देनजर कंपनियों, डॉक्टरों, हेल्थकेयर से जुड़े लोगों के लिए Do’s और Dont’s यानी क्या करना चाहिए और क्या नहीं करना चाहिए, के बारे में डिटेल में बताया गया है।

मंगलवार को जारी इस दिशानिर्देश में ‘कंपनियों को विदेशों में चिकित्सा शिक्षा (CME) कार्यशालाएं आयोजित करने से रोक लगाई गई है। इसी के साथ कंपनियों को अपनी वेबसाइट पर ऐसी कार्यशालाओं के बारे में पूरा विवरण भी शेयर करना होगा, जिसमें उनके द्वारा किए गए खर्च का ब्यौरा शामिल है। कंपनियाँ “स्वतंत्र, यादृच्छिक, या जोखिम-आधारित ऑडिट के अधीन हो सकती हैं’।

कंपनी के CEO होंगे जिम्मेदार

कोड में ये बताया गया है कि इन गाइडलाइन्स का पालन करने के लिए फार्मा कंपनी के सीईओ जिम्मेदार होंगे और हर वित्त वर्ष के खत्म होने पर दो महीने के भीतर फार्मा कंपनी के एग्जीक्यूटिव द्वारा एसोसिएशन को इसे लेकर सेल्फ डिक्लरेशन दी जाएगी। इस डिक्लेरेशन को एसोसिएशन की वेबसाइट या फिर सीधे यूसीपीएमपी पोर्टल पर अपलोड किया जाएगा।

तोहफों पर लगी रोक

गाइडलाइन के अनुसार, कोई भी फार्मास्युटिकल कंपनी या एजेंट या वितरक या कोई थोक या फुटकर विक्रेता किसी डॉक्टर, हेल्थकेयर प्रोफेश्नल या उसके परिवार के किसी सद्स्य को उसके अपने लाभ के लिए कोई उपहार नहीं देगा।

कोड के अनुसार, फार्मा कंपनियों या उनके प्रतिनिधि हेल्थकेयर प्रोफेश्नल या उनके परिवार के सदस्यों को देश में या बाहर घूमने की सुविधाएं ऑफर नहीं कर सकते। अगर कोई प्रोफेश्नल किसी कॉन्फ्रेंस, सेमीनार या वर्कशॉप्स आदि में स्पीकर नहीं है तो उसे इसमें शामिल होने के लिए सुविधाएं नहीं दी जा सकती। इसके अलावा हेल्थ प्रोफेश्नल या उनके परिवार के सदस्यों को कैश आदि भी नहीं दिया जा सकता।

फ्री सैंपल का रखना होगा हिसाब

कंपनियां अगर डॉक्टरों को फ्री सैंपल दे रही हैं तो उन्हें इसका पूरा रिकॉर्ड रखना होगा। साथ ही कंपनियां सालाना घरेलू बिक्री का 2 फीसदी से ज्यादा फ्री सैंपल के रूप में नहीं बांट सकती है।

First Published : March 13, 2024 | 8:40 AM IST