इंडिगो किफायती नंबर वन

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बीएस संवाददाता
Last Updated- December 07, 2022 | 9:00 PM IST

सस्ते किराये पर आसमान की सैर कराने वाली विमानन कंपनी इंडिगो ने विमानन उद्योग में सबसे सस्ती उड़ान सेवाएं मुहैया कराने वाली एयर डेक्कन के पांच वर्ष के रिकॉर्ड को तोड़ दिया है।


अगस्त महीने में यह जबरदस्त बदलाव देखने को मिला है, जब कुछ ही समय पहले पूरी सेवाएं मुहैया कराने वाली विमानन किंगफिशर ने डेक्कन को समाप्त कर दिया है। पिछले साल किंगफिशर में विलय के बाद एयर डेक्कन का नाम बदलकर सिम्प्लीफाई डेक्कन कर दिया गया था, जो अब किंगफिशर रेड हो गया है।

नागरिक उड्डयन मंत्रालय की ओर से जारी बाजार हिस्सेदारी के आंकड़ों के अनुसार इंडिगो की भारतीय बाजार में 10.3 प्रतिशत हिस्सेदारी है, जबकि डेक्कन 10.2 प्रतिशत हिस्सेदारी के साथ थोड़ा पीछे है। पिछले महीने तक डेक्कन 11.3 प्रतिशत बाजार हिस्सेदारी के साथ किफायती किरायों वाली उड़ान सेवाएं देने के लिए पहले स्थान पर अपना दबदबा बनाए हुए थी, जबकि इंडिगो की बाजार हिस्सेदारी 10.5 प्रतिशत थी।

डेक्कन की इस गिरावट ने डेक्कन-किंगफिशर और जेट-जेट लाइट के बीच के अंतर को अगस्त में और भी बढ़ा दिया है। जुलाई के दौरान जब जेट-जेट लाइट ने भारत की सबसे बड़ी विमानन कंपनी के रूप में अपनी दावेदारी को मजबूत किया था। इसी मजबूती को बनाए रखते हुए अगस्त में दोनों विमानन कंपनियों को मिलाकर उनकी बाजार हिस्सेदारी 33.5 प्रतिशत थी, जबकि किंगफिशर-डेक्कन दोनों को मिला लेने पर उनकी अगस्त में बाजार हिस्सेदारी जेट-जेट लाइट से काफी कम 25 प्रतिशत है।

डेक्कन के किफायती उड़ान सेवा मुहैया कराने वाली शीर्ष कंपनी के स्थान से पीछे हो जाने के पीछे सबसे बड़ी वजह एयरलाइनों के यात्रियों की संख्या में बदलाव आने की वजह थी। मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, अगस्त के दौरान डेक्कन को सबसे कम सिर्फ 39 प्रतिशत यात्री ही मिले, जबकि इंडिगो औसतन 62 फीसद मुसाफिर हासिल करने में कामयाब रही।

ट्रैवल पोटर्ल मेकमाईट्रिप डॉट कॉम के ऑनलाइन बिक्री के प्रमुख मोहित श्रीवास्तव का कहना है, ‘इसके पीछे एक वजह और यह है कि डेक्कन की ओर से गर्मियों की सूची में क्षमताओं में पहले ही कटौती की घोषणा के अलावा, किंगफिशर किंगफिशर ने डेक्कन की काफी सीटें जुलाई से अपने खुद के ब्रांड तले बेचना शुरू कर दिया था।

इसलिए डेक्कन की टिकटें किंगफिशर के टिकट कोड आईटी के तले ही बुक की जा रही हैं, लेकिन यात्री असल में डेक्कन उड़ान और उसमें यात्रा के लिए टिकटें बुक करा रहे हैं। इससे ऐसा लगता है कि किंगफिशर की क्षमता से ज्यादा विस्तार हो रहा है।’

First Published : September 13, 2008 | 1:06 AM IST