इन्फी: लाभ बढ़ा, आय अनुमान में भी इजाफा

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बीएस संवाददाता
Last Updated- December 11, 2022 | 1:45 PM IST

इन्फोसिस ने वित्त वर्ष 2023 के लिए अपनी आय का अनुमान बढ़ाकर 15 से 16 फीसदी कर दिया है, जो पहले 14 से 16 फीसदी था। इन्फोसिस ने आय अनुमान में बदलाव करते  
समय वृहद आ​र्थिक माहौल को भी ध्यान में रखा है। इसके साथ ही कंपनी ने 9,300 करोड़ रुपये मूल्य के शेयरों की पुनर्खरीद की घोषणा की है।
चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही (जुलाई-सितंबर) में इन्फोसिस का शुद्ध मुनाफा सालाना आधार पर 11.3 फीसदी बढ़कर 6,021 करोड़ रुपये रहा। तिमाही आधार पर कंपनी का मुनाफा 12.3 फीसदी बढ़ा है। समीक्षाधीन तिमाही में इन्फोसिस की आय सालाना आधार पर 23.4 फीसदी बढ़कर 36,538 करोड़ रुपये रही। इससे पिछली तिमाही की तुलना में आय 6 फीसदी बढ़ी है।
कंपनी की आय ब्लूमबर्ग के अनुमान के अनुरूप रही लेकिन मुनाफा अनुमान से ज्यादा रहा। ब्लूमबर्ग ने चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में 36,564 करोड़ रुपये आय का अनुमान लगाया था और 5,902 करोड़ रुपये मुनाफे की उम्मीद जताई थी। सितंबर तिमाही में इन्फोसिस के कुल अनुबंध का मूल्य (टीसीवी) 2.7 अरब डॉलर रहा जो पिछली सात तिमाही में सबसे अ​धिक था।

 2.7 अरब डॉलर टीसीवी में से 54 फीसदी नए सौदों के थे। अच्छी बात यह रही कि इन्फोसिस का परिचालन मार्जिन भी 150 आधार अंक सुधरकर 21.5 फीसदी पर पहुंच गया। मुद्रा में उतार-चढ़ाव और लागत कम करने के उपायों से मार्जिन में सुधार हुआ है। इन्फोसिस के मुख्य कार्याधिकारी एवं प्रबंध निदेशक सलिल पारेख ने कहा, ‘चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में हमारा प्रदर्शन काफी मजबूत रहा और 2.7 अरब डॉलर के टीसीवी ने भविष्य में वृद्धि के लिए अच्छा प्लेटफॉर्म तैयार किया है।
आर्थिक परिदृश्य की चिंता के बावजूद मांग अच्छी बनी हुई है क्योंकि ग्राहकों को हमारे ऊपर यह भरोसा है कि वे जैसा मूल्य चाहते हैं, हम उसकी आपूर्ति करने में सक्षम हैं।’ इन्फोसिस ने सभी वर्गों और बाजारों में दो अंक में वृद्धि दर्ज की है।
हालांकि प्रबंधन वैश्विक अनिश्चितता को लेकर सतर्क है और कहा कि मॉर्गेज, वित्तीय सेवाओं, रिटेल, हाई-टेक तथा दूरसंचार वर्ग में नरमी आ सकती है। कुछ गैर-जरूरी खर्चों पर भी असर पड़ सकता है। इन्फोसिस ने सितंबर तिमाही में भी नई भर्तियां की थी जबकि प्रतिस्पर्धी कंपनियां नई नियुक्तियों को लेकर सतर्क दिखीं। दूसरी तिमाही में इन्फोसिस ने 10,000 फ्रेशरों को नियुक्त किया और पहली तिमाही में उसने 20,000 फ्रेशरों को अपने साथ जोड़ा था।
कंपनी ने संकेत दिया था कि जरूरत पड़ने पर चालू वित्त वर्ष में वह 50,000 भर्तियों का लक्ष्य पार कर सकती है। आईसीआईसीआई सिक्योरिटीज ने अपने विश्लेषण में कहा, ‘कंपनी की आय का प्रदर्शन हमारे अनुमान से कम रहा लेकिन आय के निचले दायरे के अनुमान को बढ़ाना प्रोत्साहित करने वाला है।
नई भर्तियों में थोड़ी कमी आई है लेकिन कुछ क्षेत्रों में नरमी को देखते हुए यह सही कदम है।’ प्रतिस्पर्धी कंपनियों से तुलना करें तो इन्फोसिस शीर्ष चार आईटी कंपनियों से सभी मानदंडों में आगे रही है। हालांकि सभी आईटी कंपनियां मौजूदा अनिश्चित माहौल के बीच बेहतर प्रदर्शन करने में सफल रही है लेकिन इन्फोसिस का टीसीवी पहली तिमाही की तुलना में 58.8 फीसदी बढ़ा है।
एचसीएल टेक का टीसीवी तिमाही आधार पर 16 फीसदी बढ़ा था जबकि टीसीएस ने 8.1 अरब डॉलर के टीसीवी को बरकरार रखा है। मार्जिन के लिहाज से भी इन्फोसिस का प्रदर्शन अच्छा रहा है। सितंबर तिमाही में कंपनी का मार्जिन 150 आधार अंक सुधरा है। 

First Published : October 13, 2022 | 9:34 PM IST