ऐपल इंक ने आज कहा कि उसने तमिलनाडु में फॉक्सकॉन के कारखाने में आईफोन 14 की असेंबलिंग शुरू कर दी है। इस तरह कंपनी ने वैश्विक स्तर पर फोन पेश करने के महज 10 दिन के भीतर भारत में इसकी असेंबलिंग शुरू कर दी है, जो बड़ी उपलब्धि है। आईफोन 14 ऐपल के फोन का सबसे नया मॉडल है।
वैश्विक स्तर पर आने के फौरन बाद भारत में असेंबलिंग शुरू होने से आईफोन 14 की कीमत घटने की भी उम्मीद पैदा हो गई है। लोग मान रहे हैं कि कंपनी देश में यह फोन सस्ता करेगी क्योंकि चीन से फोन आयात करने पर लगने वाला शुल्क उसे नहीं देना पड़ रहा है। मगर कंपनी के कामकाज की जानकारी रखने वाले सूत्रों का कहना है कि कीमत में कमी फौरन नहीं आएगी और ग्राहकों को इसके लिए एक तिमाही या ज्यादा इंतजार करना पड़ सकता है।
कंपनी ने एक बयान में कहा, ‘भारत में आईफोन 14 का उत्पादन शुरू कर हम उत्साहित हैं। नया आईफोन नई तकनीकों और जरूरी सुरक्षा उपायों के साथ पेश किया गया है।’
फोन का आयात करने पर कंपनी फ्री ऑन बोर्ड मूल्य पर 26 फीसदी शुल्क देती है। इसमें 22 फीसदी बुनियादी सीमा शुल्क (20 फीसदी शुल्क और 10 फीसदी अधिभार) और 4 फीसदी जीएसटी शामिल है। कंपनी 4 फीसदी जीएसटी इसीलिए चुकाती है क्योंकि वह बुनियादी सीमा शुल्क के बाद 18 फीसदी जीएसटी देती है। भारत में फोन बनाने पर कंपनी शुल्क में होने वाली बचत का खासा हिस्सा ग्राहकों को दाम में कटौती के रूप में दे सकता है।
ऐपल के प्रवक्ता ने कीमत में कटौती के बारे में पूछे जाने पर कोई जवाब नहीं दिया। मगर सूत्रों ने कहा कि इसमें कुछ चुनौतियां हैं। कंपनी के वेंडरों के भारत में उत्पादन बढ़ाना होगा ताकि घरेलू मांग पूरी करने के लिए भारत में पर्याप्त आईफोन 14 रहें।
यदि कंपनी को आयात करना पड़ा तो कीमत बढ़ जाएगी और किसी बाजार में एक ही मॉडल की दो कीमतें नहीं ली जा सकतीं। उन्होंने कहा कि कंपनी देश में उत्पादन को ध्यान में रखते हुए पहले ही कीमतें कम कर चुकी है और महंगे डॉलर का बोझ भी खुद ही उठा रही है।
मगर विशेषज्ञ कह रहे हैं कि भारत में विनिर्माण के साथ ही कंपनी कीमत में 17 से 20 फीसदी तक कमी करने की हालत में होगी।
विशेषज्ञों ने इशारा किया कि यही मॉडल अमेरिका में काफी सस्ता है और भारत में बहुत महंगा। मिसाल के लिए 256 जीबी मेमरी वाला आईफोन प्रो अमेरिका के मुकाबले भारत में 50,000 रुपये से भी अधिक महंगा है। भारत में इसकी कीमत 1,39,900 रुपये है मगर अमेरिका में यह केवल 89,623 रुपये में मिल रहा है।
आईफोन 14 से पर्दा हटाने के चंद दिन बाद ही उसे भारत में असेंबल कर ऐपल चीन पर निर्भरता घटाने की कोशिश कर रहा है। अब भी 95 फीसदी आईफोन चीन में बन रहे हैं। मगर सरकार की उत्पादन से जुड़ी प्रोत्साहन (पीएलआई) योजना के तहत अपना वादा पूरा करने के लिए कंपनी के वेंडर 2025-26 तक कम से कम 12 फीसदी उत्पादन भारत में ही करने लगेंगे।