अंधेर है पर देर नहीं

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बीएस संवाददाता
Last Updated- December 07, 2022 | 8:00 PM IST

टाटा मोटर्स के अध्यक्ष रतन टाटा ने कहा कि कच्चे माल की लागत बढ़ने और खर्चों में हुई बढ़ोतरी से नैनो की कीमत एक लाख रुपये रखने में बहुत मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।


बावजूद इसके उन्होंने कहा कि लखटकिया नैनो कार को तय कार्यक्रम के अनुसार पेश करने की पूरी कोशिश की जा रही है। उम्मीद है कि नैनो अक्टूबर तक बाजार में आ जाएगी। टाटा का यह बयान ऐसे समय में आया है, जबकि राजनीतिक स्तर पर विरोध के चलते कंपनी को सिंगुर में नैनो परियोजना स्थल पर काम स्थगित कर देना पड़ा है।

सियाम के वार्षिक सम्मेलन में टाटा ने कहा कि निसंदेह हम वह कंपनी हैं, जो नैनो को तय कार्यक्रम के अनुसार पेश करना चाहती है और इसके लिए पूरी कोशिश जारी है। हालांकि उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि नैनो की पहली खेप सिंगुर से निकलेगी या किसी वैकल्पिक जगह से। इसके साथ ही रतन टाटा ने कहा कि टाटा मोटर्स भविष्य में छोटी कारों पर ध्यान केंद्रित करेगी, ताकि बाजार में अपनी पैठ जमा सके।

उन्होंने बताया कि अमेरिका और यूरोपीय बाजारों में भी छोटी कारों का अच्छा बाजार है। टाटा के मुताबिक, अगर छोटी कार किफायती और कम ईंधन खपत की क्षमता से लैस होगी, तो विकसित देशों के बाजारों में भी उसे हाथों-हाथ लिया जाएगा। उन्होंने बताया कि भविष्य में टाटा मोटर्स बड़ी कारों के बजाए छोटी कारों के निर्यात पर ध्यान देगी।

राज्यपाल ने की वार्ता

सिंगुर में टाटा मोटर्स की नैनो संयंत्र को लेकर चल रहे विवाद को सुलझाने के मद्देनजर पश्चिम बंगाल के राज्यपाल गोपालकृष्ण गांधी ने गुरुवार को राज्य सरकार और विपक्षी तृणमूल कांग्रेस के साथ प्रारंभिक वार्ता शुरू की। उधर, तृणमूल कांग्रेस के बेमियादी आंदोलन का 12वें दिन भी जारी रहा।

समाधान के प्रयासों में राज्यपाल ने वाणिज्य और उद्योग मामलों की विधानसभा की कार्य समिति के चेयरमैन सुदीप बंदोपाध्याय से भी बातचीत की। शुक्रवार को होने वाली बातचीत के लिए आधार तैयार करने के लिहाज से राज्य के उद्योग मंत्री निरूपम सेन ने पंचायत मंत्री सूर्यकांत मिश्रा के साथ राजभवन में राज्यपाल से मुलाकात की। बाद में तृणमूल कांग्रेस के प्रतिनिधिमंडल ने भी गांधी से मुलाकात की।

‘नैनो से टक्कर नहीं’

देश की प्रमुख वाहन निर्माता कंपनी मारुति सुजुकी इंडिया ने कहा कि कंपनी की नैनो खंड में उतरने या प्रतिस्पर्धी कंपनी के मुकाबले में उतरने की कोई योजना नहीं है।

प्रधानमंत्री से मिले

रतन टाटा ने देर शाम प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से भी मुलाकात की। बातचीत का खुलासा तो नहीं हुआ पर माना जा रहा है कि सिंगुर मसले  पर ही यह मुलाकात हुई।

First Published : September 4, 2008 | 11:38 PM IST