अरबपति गौतम अदाणी के बड़े बेटे करण अदाणी 16,151 करोड़ रुपये की राजस्व वाली सीमेंट कंपनी एसीसी के अध्यक्ष के रूप में अपना पदभार संभाल रहे हैं। यह ऐसा दौर है जब सीमेंट उद्योग में मजबूत खिलाड़ी छोटे एवं कमजोर खिलाड़ियों का अधिग्रहण कर रहे हैं इस वक्त इस क्षेत्र में कड़ी प्रतिस्पर्धा के हालात बनते दिख रहे हैं।
अपने व्यावहारिक नजरिये और काम को पूरा करने की कुशलता के लिए मशहूर 35 वर्षीय करण ने अदाणी परिवार द्वारा अंबुजा सीमेंट्स और एसीसी के अधिग्रहण में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई थी जो करीब 6.4 अरब डॉलर नकद सौदा है।
फिलहाल अदाणी पोर्ट्स के मुख्य कार्याधिकारी अधिकारी (सीईओ) करण 86 साल पुरानी कंपनी में बड़ी जिम्मेदारी संभालते हुए दिवंगत ननी पालखीवाला और पलोनजी मिस्त्री सहित देश के कॉरपोरेट जगत के दिग्गज शख्सियतों का स्थान लेंगे।
कभी आंशिक रूप से टाटा समूह के स्वामित्व वाली इस कंपनी का गठन वर्ष 1936 में हुआ था जब 10 सीमेंट कंपनियां एसीसी बनाने के लिए एक साथ आई थीं। टाटा ने 1999 में अंबुजा सीमेंट्स को अपनी हिस्सेदारी बेचकर कंपनी छोड़ दी थी।
अदाणी समूह के संरक्षक गौतम अदाणी, अंबुजा सीमेंट्स के अध्यक्ष के रूप में कार्यभार संभाल रहे हैं, जिसके पास एसीसी में 54.5 प्रतिशत हिस्सेदारी है। परिवार ने अपनी हिस्सेदारी मौजूदा 63.11 प्रतिशत से बढ़ाने के लिए कन्वर्टिबल वारंट के माध्यम से अंबुजा सीमेंट्स में 20,000 करोड़ रुपये का अतिरिक्त निवेश करने का प्रस्ताव रखा है।
पर्ड्यू यूनिवर्सिटी से अर्थशास्त्र में डिग्री हासिल करने वाले करण ने मुंद्रा बंदरगाह से अपने कॉरपोरेट करियर की शुरुआत की जो अदाणी समूह द्वारा शुरू की गई पहली बड़ी परियोजना थी और अदाणी परिवार के वरिष्ठ और पारिवारिक विश्वासपात्र डॉ मलय महादेविया ने इसके लिए मार्गदर्शन किया था।
वर्ष 2009 के बाद से समूह के संचालन में सभी स्तरों पर हाथ आजमा कर अनुभव हासिल करने के बाद, करण अब अदाणी समूह के रणनीतिक विकास की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं और कई कारोबारों के रोजाना के संचालन पर भी नजर रखते हैं।
करण को एक एकीकृत व्यापार मॉडल से जुड़े अदाणी समूह की पहचान बनाने का काम सौंपा गया है जिसे नई प्रक्रियाओं और उच्च कॉरपोरेट प्रशासन प्रक्रियाओं का समर्थन हासिल है। मुंबई के एक विश्लेषक कहते हैं, ‘समूह का लक्ष्य बंदरगाहों, हवाई अड्डों और अक्षय ऊर्जा सहित बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में वैश्विक रूप से अव्वल बनना है, जिसमें अरबों डॉलर का निवेश अभी पाइपलाइन में है। समूह की अगली पीढ़ी का जोर प्रौद्योगिकी पर है और यह भारत और विदेश दोनों ही जगहों के बाजार को समझती है। अगली पीढ़ी पर्यावरण, स्थिरता और प्रशासन पर बहुत ध्यान देगी।’
करण ने सिरिल अमरचंद मंगलदास में एक पार्टनर परिधि से शादी की है जो देश के कॉर्पोरेट कानूनों की समझ रखने वाले दिग्गजों में शामिल सिरिल श्रॉफ की बेटी हैं।