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Vivo money laundering केस में Lava इंटरनेशनल के एमडी को अंतरिम जमानत

दिल्ली उच्च न्यायालय ने तीन महीने की अंतरिम जमानत मंजूर की

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भाषा   
Last Updated- February 16, 2024 | 10:52 PM IST

दिल्ली उच्च न्यायालय ने स्मार्टफोन निर्माता कंपनी वीवो से जुड़े धन शोधन के मामले में लावा इंटरनेशनल मोबाइल कंपनी के प्रबंध निदेशक (एमडी) हरिओम राय को शुक्रवार को तीन महीने की अंतरिम जमानत दे दी। न्यायमूर्ति स्वर्ण कांता शर्मा ने 57 वर्षीय राय को उनकी हृदय संबंधी बीमारी के कारण राहत देते हुए कहा कि उन्हें अपनी पसंद के अस्पताल में इलाज का मौका दिया जाना चाहिए।

अदालत ने एक आदेश में कहा कि हृदय संबंधी बीमारी की गंभीरता को देखते हुए ऐसे मामलों में विशेष देखभाल और निगरानी की जरूरत है। अदालत ने राय को एक लाख रुपये के निजी मुचलके और इतनी ही जमानत राशि पर उन्हें अंतरिम जमानत दी।

अदालत ने उन्हें तीन महीने की अवधि समाप्त होने के बाद तुरंत आत्मसमर्पण करने, देश नहीं छोड़ने और गवाहों को प्रभावित नहीं करने को कहा।

न्यायमूर्ति शर्मा ने आदेश दिया, ‘‘यह अदालत वर्तमान आरोपी/आवेदक को तीन महीने की अवधि के लिए अंतरिम जमानत देती है।’’ पिछले साल नौ अक्टूबर को गिरफ्तार किए गए राय ने इस आधार पर अंतरिम जमानत दिये जाने का अनुरोध किया था कि उन्हें हृदय संबंधी समस्याएं हैं और न्यायिक हिरासत में उनकी चिकित्सा स्थिति गंभीर हो गई है।

ईडी ने हालांकि याचिका का विरोध किया और कहा कि उनकी हालत ऐसी नहीं है कि चिकित्सा आधार पर अंतरिम जमानत दी जाए।

आरोपी की मेडिकल रिपोर्ट पर गौर करते हुए अदालत ने राय दी कि उनका इलाज जेल में नहीं किया जा सकता। ईडी ने चीनी स्मार्टफोन निर्माता वीवो-इंडिया और अन्य के खिलाफ धन शोधन निवारण अधिनियम की आपराधिक धाराओं के तहत आरोप पत्र दायर किया है। कंपनी ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा था कि वह ‘‘दृढ़ता से अपने नैतिक सिद्धांतों का पालन करती है और कानून का पालन करने के लिए समर्पित है।’’

First Published : February 16, 2024 | 10:52 PM IST (बिजनेस स्टैंडर्ड के स्टाफ ने इस रिपोर्ट की हेडलाइन और फोटो ही बदली है, बाकी खबर एक साझा समाचार स्रोत से बिना किसी बदलाव के प्रकाशित हुई है।)