रियल एस्टेट चक्र में सुधार होने के साथ ही एलआईसी हाउसिंग फाइनैंस परियोजना वित्त पोषण कारोबार को आगे बढ़ाने की योजना बना रही है। कंपनी इस प्रकार के ऋण वितरण को बढ़ाकर वित्त वर्ष 2023 में 10 फीसदी करना चाहती है जो फिलहाल 5 फीसदी है।
जहां तक परियोजना ऋण कारोबार का सवाल है तो वित्त वर्ष 2022 की पहली छमाही के दौरान गतिविधियां पूरे जोरों पर नहीं थीं। साथ ही कारोबार वित्त वर्ष 2022 की दूसरी छमाही में आई तीसरी लहर से भी प्रभावित हुआ था। अब कारोबारी परिदृश्य साफ है और ऐसे में मौजूदा परियोजनाओं के लिए रकम की जरूरत दिख सकती है। इसके अलावा कंपनियां 1,000 करोड़ रुपये से अधिक की संभावित परियोजनाओं की तैयारी कर रही हैं।
एलआईसी हाउसिंग फाइनैंस के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्याधिकारी वाई विश्वनाथ गौड़ ने कहा, ‘इसके साथ ही कंपनी परियोजना वित्त पोषण की हिस्सेदारी को चालू वर्ष के दौरान मौजूदा 5 फीसदी से बढ़ाकर 10 फीसदी तक ले जाएगी।’ उसके दो प्रमुख कारोबारी श्रेणियों में व्यक्तिगत मकान ऋण और रियल एस्टेट के लिए परियोजना वित्त पोषण शामिल हैं। परियोजना ऋण श्रेणी में वितरण 31 मार्च 2022 को समाप्त तिमाही में 428 करोड़ रुपये रह गया जो वित्त वर्ष 2021 की चौथी तिमाही में 1,197 करोड़ रुपये रहा था। कंपनी के परियोजना ऋण पोर्टफोलियो का आकार 31 मार्च 2022 को 12,978 करोड़ रुपये था जो एक साल पहले यानी 31 मार्च 2021 को 15,956 करोड़ रुपये था। वित्त वर्ष 2022 की चौथी तिमाही में कुल वितरण 19,315 करोड़ रुपये रहा जो वित्त वर्ष 2021 की चौथी तिमाही में 22,362 करोड़ रुपये रहा था। व्यक्तिगत आवास ऋण श्रेणी में वितरण 16,341 करोड़ रुपये का रहा जो वित्त वर्ष 2021 की चौथी तिमाही में 19,010 करोड़ रुपये रहा था।