सरकारी गैस कंपनी गेल (इंडिया) लिमिटेड ने दिसंबर तिमाही में शानदार प्रदर्शन किया है। कंपनी ने 3,867 करोड़ रुपये का शुद्ध मुनाफा कमाया, जो पिछले साल की तुलना में 36% ज्यादा है। खास बात ये है कि इस बढ़त में बड़ा योगदान रूस की कंपनी SEFE से मिले मुआवजे का है।
रूस की कंपनी से 2,440 करोड़ रुपये का मुआवजा
गेल ने रूस की SEFE मार्केटिंग एंड ट्रेडिंग के खिलाफ गैस सप्लाई न करने पर केस किया था और 1.817 अरब डॉलर (लगभग 15,000 करोड़ रुपये) का मुआवजा मांगा था। लेकिन जनवरी 2025 में हुए समझौते के तहत SEFE ने 285 मिलियन डॉलर (2,440 करोड़ रुपये) चुकाकर विवाद खत्म कर दिया। इस समझौते ने कंपनी को जबरदस्त फायदा पहुंचाया।
क्या था विवाद?
गेल ने 2012 में रूस की गैस कंपनी के साथ 20 साल का समझौता किया था, जिसमें हर साल 2.85 मिलियन टन LNG खरीदनी थी। लेकिन 2022 में रूस-यूक्रेन युद्ध के चलते SEFE ने गैस की सप्लाई रोक दी। गेल ने इसका मुआवजा मांगा और लंबी कानूनी लड़ाई के बाद मामला जनवरी 2025 में सुलझ गया।
स्थिर रही कंपनी की आमदनी
अक्टूबर-दिसंबर 2024 की तिमाही में कंपनी की कुल आमदनी 34,957.76 करोड़ रुपये रही, जो पिछले साल लगभग इतनी ही थी। प्राकृतिक गैस और एलपीजी ट्रांसपोर्ट, गैस मार्केटिंग और पेट्रोकेमिकल्स के तीनों प्रमुख क्षेत्रों से कंपनी को पिछले साल जितनी ही आमदनी हुई।
गैस मार्केटिंग में 53% की बढ़त
नौ महीने में मुनाफा 39% बढ़ा
वित्त वर्ष 2024-25 के पहले नौ महीनों में कंपनी का शुद्ध मुनाफा 39% बढ़कर 9,263 करोड़ रुपये हो गया है। आज कारोबार के अंत तक गेल का शेयर BSE पर 1.06% की बढ़त के साथ 167 रुपये पर ट्रेड कर रहा था।
डिविडेंड का तोहफा
गेल के बोर्ड ने 6.50 रुपये प्रति शेयर का अंतरिम डिविडेंड देने का ऐलान किया है। इस तरह से कंपनी ने 65% के डिविडेंड की घोषणा की है। इसकी रिकॉर्ड डेट 7 फरवरी 2025 रखी है। इसका मतलब है कि जिन निवेशकों के पास रिकॉर्ड डेट के पहले कंपनी के शेयर रहेंगे वे इस डिविडेंड का लाभ ले पाएंगे। (PTI के इनपुट के साथ)