वित्त वर्ष 2023 की पहली तिमाही में एचसीएल टेक्नोलॉजिज को मार्जिन के मोर्चे पर लगातार दबाव का सामना करना पड़ा जिसे कर्मचारी लागत में वृद्धि से बल मिला। हालांकि राजस्व के मोर्चे पर कंपनी का प्रदर्शन अनुमानों के अनुरूप रहा और उसने 2 अरब डॉलर के टीसीवी पर भी हस्ताक्षर किए। एचसीएल टेक्नोलॉजिज के मुख्य कार्याधिकारी एवं प्रबंध निदेशक सी विजयकुमार ने सौरभ लेले और शिवानी शिंदे से बातचीत में विभिन्न मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की। पेश हैं मुख्य अंश:
अमेरिका और यूरोप में मुद्रास्फीति एवं मंदी की चिंताओं के बीच आप प्रौद्योगिकी सेवाओं की मांग को किस प्रकार देखते हैं?
अब तक ग्राहकों से हुई बातचीत में ऐसा कोई संकेत नहीं मिला है कि हम उनके साथ जिन परिवर्तनकारी परियोजनाओं पर काम कर रहे हैं उनमें वे कुछ कमी करना चाहते हैं। बेशक वे मुद्रास्फीति जैसी वृहत बदलावों से निपटने के लिए योजना बना रहे हैं। लेकिन ये परिवर्तनकारी परियोजनाएं प्रतिस्पर्धी बरकरार रहते हुए कारोबार को बढ़ाने और ग्राहक अनुभव में सुधार के लिए काफी महत्त्वपूर्ण हैं। इसलिए परिवर्तनकारी कार्यक्रमों में लगातार निवेश के लिए उनकी प्रतिक्रिया काफी सकारात्मक है। इसके अलावा हमारी कुल पाइपलाइन लगभग सर्वकालिक उच्च स्तर पर है।
चौथी तिमाही के मुकाबले पहली तिमाही के प्रदर्शन में नरमी दिखती है। क्या हमें इसे ग्राहकों की चिंताओं के शुरुआती संकेतों के रूप में देखना चाहिए?
पहली तिमाही हमारे लिए कुछ कमजोर रही है खासकर काफी आउटसोर्सिंग अनुबंधों के कारण। हमने कुछ उत्पादकता दर्ज की है और सकल राजस्व के लिहाज कुछ नरमी भी दिखी है। हर साल आउटसोर्सिंग अनुबंधों में कुछ नरमी दिखती है। इसलिए विशेष तौर पर आईटी सेवा के मोर्चे पर पहली तिमाही कुछ नरम रही। पिछले साल दूसरी, तीसरी और चौथी तिमाही में हमने करीब क्रमिक आधार पर 5 फीसदी से अधिक वृद्धि दर्ज की थी। इसलिए यह कोई गिरावट नहीं बल्कि कारोबार का मौसमी रुझान है।
प्रतिभा लागत बढ़ने के कारण सेवा कारोबार में मार्जिन पर दबाव बरकरार है। क्या आपको लगता है कि यह दबाव अभी जारी रहेगा? कर्मचारियों द्वारा कंपनी छोड़ने की दर कब तक सामान्य होने की उम्मीद है?
सेवा मार्जिन 16.3 फीसदी था। यह पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले करीब 1.5 फीसदी कम है। हमें उम्मीद है कि अगली कुछ तिमाहियों के दौरान इसमें कमी आएगी। इसमें नरमी का एक मुख्य कारण यह भी है कि सभी बड़ी कंपनियों की ओर से नियुक्तियों पर काफी दबाव डाला गया है। जैसे-जैसे नई टीम परिचालन भूमिका में आएंगी, हमारी प्रतिभाओं द्वारा मांग को बेहतर तरीके से पूरा किया जाएगा। हम कर्मचारियों द्वारा कंपनी छोड़ने की दर को उद्योग के मुकाबले कम रखने में सफल रहे हैं।
आपने वित्त वर्ष 2023 के लिए 12 से 14 फीसदी वृद्धि दर का अनुमान जाहिर किया है। इसे कहां से रफ्तार मिलेगी?
हमने क्रमिक आधार पर पहले ही 2.7 फीसदी की तिमाही वृद्धि दर्ज की है और हम अगली तीन तिमाहियों के दौरान अच्छी वृद्धि दर्ज करेंगे। इससे हमें 12 से 14 फीसदी के स्तर तक पहुंचने में मदद मिलेगी। वेंडर सुदृढीकरण अवसरों और क्लाउड आधारित बदलाव अवसरों से मांग आ रही है। मैं समझता हूं कि ये दोनों काफी महत्त्वपूर्ण हैं।
इस तिमाही में आपने कुछ बड़े सौदों पर हस्ताक्षर किए हैं। उसके बारे में बताएं?
बड़े सौदे अपनी प्रकृति के अनुसार थोड़ा नुकीला होने वाला है। उनमें से कुछ पाइपलाइन में हैं। पिछली चार तिमाहियों के दौरान हमारे बुकिंग आंकड़े करीब 2 अरब डॉलर पर बरकरार हैं। दोबारा बुकिंग में नीवीनीकरण और रिकॉर्ड सौदे शामिल
नहीं हैं। यह शुद्ध रूप से मौजूदा और नए ग्राहकों से बढ़ने वाला कारोबार है।
क्या ऑर्डर बुकिंग के लिए 2 अरब डॉलर का आंकड़ा आगामी तिमाहियों में भी बरकरार रहेगा?
ऐसा हम उम्मीद करते हैं क्योंकि यह हर तिमाही के बाद आगे बढ़ने के लिए एक अच्छा आधार होगा।