टाटा मोटर्स की नैनो और सिंगुर में राजनीति विरोध का मामला दिनोदिन तूल पकड़ता जा रहा है। टाटा समूह के चेयरमैन रतन टाटा के पक्ष में अब कॉर्पोरेट जगत भी लामबंद होता दिख रहा है।
कंपनी को आज उस समय जबरदस्त ताकत मिली, जब रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड के चेयरमैन और प्रबंध निदेशक मुकेश अंबानी टाटा के समर्थन में उतर आए। अंबानी ने नैनो को बेहद शानदार परियोजना बताया और ऐसी परियोजनाओं की रफ्तार धीमी करने के प्रयासों को आर्थिक विकास के लिए खतरनाक बताया।
उन्होंने अपने बयान में कहा, ‘नैनो परियोजना एक अनूठी और बेहद नई किस्म की पहल है, जिससे भारत का नाम छोटी कारों के केंद्र के तौर पर पक्का हो जाएगा। देश की प्रतियोगी क्षमता और रोजगार के अवसर बढ़ाने के लिए इतना बड़ा निवेश करने वाले उद्योग जगत को बढ़ावा मिलना चाहिए।
राष्ट्रीय महत्व की कुछ खास परियोजनाओं की रफ्तार कम करने के लिए डर का माहौल बनाया जा रहा है। देश की आर्थिक वृद्धि, वैश्विक छवि और दुनिया भर से निवेशकों को न्योता देने के हमारे प्रयासों को इन हरकतों से धक्का पहुंचेगा। भारतीय उद्योग और देश के नेतृत्व को शहरी और ग्रामीण इलाकों में करोड़ों भारतीयों की आकांक्षाएं पूरी करने के लिए एकजुट होकर काम करना होगा।’
कर्नाटक का न्योता
कई राज्यों की तरह कर्नाटक ने भी आज टाटा समूह को न्योता दिया कि वह लखटकिया कार की अपनी इस परियोजना को सिंगूर से स्थानांतरित कर उसे यहां ले आए। कर्नाटक ने टाटा समूह को धारवाड़ क्षेत्र का प्रस्ताव दिया है, जहां टाटा की एक विनिर्माण इकाई पहले ही है।
मुख्यमंत्री बी एस एदियुरप्पा की अध्यक्षता में हुई राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में टाटा समूह के अध्यक्ष रतन टाटा से अपनी नैनो कार परियोजना को सिंगुर (पश्चिम बंगाल) से धारवाड़ क्षेत्र में स्थानांतरित करने पर विचार करने का न्योता देने का फैसला किया गया। ग्रामीण विकास एवं पंचायत राज मंत्री शोभा करंडलाजी ने कहा, ‘टाटा को धारवाड़ में 900 एकड़ जमीन दी गई है और हम वहां 50 एकड़ अतिरिक्त जमीन देने को तैयार हैं।’