आर्थिक संकट से जूझ रही राष्ट्रीय स्टील निगम लिमिटेड (RINL) के लिए राहत की खबर आई है। केंद्र सरकार ने RINL के लिए 11,440 करोड़ रुपये के पुनरुद्धार पैकेज को मंजूरी दे दी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में इस योजना पर मुहर लगी। सरकार का यह कदम न केवल कंपनी को उबारने के लिए है, बल्कि भारतीय स्टील उद्योग को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा प्रयास भी है।
इस पैकेज में RINL को 10,300 करोड़ रुपये की इक्विटी पूंजी दी जाएगी, जिससे कंपनी अपनी वित्तीय और परिचालन समस्याओं को सुलझा सकेगी। इसके अलावा, 1,140 करोड़ रुपये के कार्यशील पूंजी ऋण को 7% गैर-संचयी वरीयता शेयर (non-cumulative preference share capital) में बदला जाएगा, जिसे 10 साल बाद भुनाया जा सकेगा। यह पैकेज RINL को न केवल कर्ज के दबाव से राहत देगा, बल्कि इसे पूरी क्षमता से काम करने में भी मदद करेगा।
सरकारी योजना के तहत, RINL जनवरी 2025 तक दो ब्लास्ट फर्नेस के साथ उत्पादन शुरू करेगी और अगस्त 2025 तक तीन ब्लास्ट फर्नेस के साथ पूरी क्षमता पर काम करने लगेगी। RINL का विशाखापट्टनम स्टील प्लांट (VSP) आंध्र प्रदेश का इकलौता ऑफशोर स्टील प्लांट है, जिसकी उत्पादन क्षमता 7.3 मिलियन टन प्रति वर्ष (MTPA) है।
RINL की वित्तीय स्थिति पिछले कुछ समय से बेहद खराब है। बैंकों से लिए गए कर्ज की सीमा खत्म हो चुकी है और कंपनी के पास नया ऋण लेने की गुंजाइश नहीं बची है। इतना ही नहीं, RINL ने जून 2024 में अपने पूंजीगत ऋण और ब्याज के भुगतान में भी चूक की थी।
इस पैकेज से RINL को न केवल उत्पादन शुरू करने में मदद मिलेगी, बल्कि भारतीय स्टील बाजार में स्थिरता भी आएगी।
सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इस योजना को “RINL के लिए जीवनदान” करार दिया। उन्होंने कहा कि इससे कंपनी की पुरानी समस्याओं का समाधान होगा और भारतीय स्टील बाजार में स्थिरता आएगी। यह कदम न केवल कंपनी को पटरी पर लाएगा, बल्कि स्टील उत्पादन में वृद्धि से देश की आर्थिक स्थिति को भी मजबूत करेगा।
यह पुनरुद्धार पैकेज सरकार की उस नीति का हिस्सा है, जिसमें रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण उद्योगों को समर्थन देकर उन्हें फिर से खड़ा किया जाता है। कहने का मतलब साफ है—सरकार ने स्टील उद्योग में एक नई जान फूंकने की तैयारी कर ली है, और RINL इसका अहम हिस्सा बनने जा रही है। (PTI के इनपुट के साथ)